मुजफ्फरनगर। यूपी ग्रामीण बैंक की बुढ़ाना शाखा के बचत खातों, एफडीआर और केसीसी खातों के जरिये हेराफेरी की रकम 5.15 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। अब प्रकरण की जांच आर्थिक अपराध शाखा करेगी। वहीं, पूर्व मैनेजर रूपक राणा समेत चार कर्मचारियों को निलंबित करके जिला मुख्यालय से अटैच किया गया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा से संबद्ध ग्रामीण बैंक की बुढ़ाना शाखा में प्रबंधक रहे बागपत के दाहा गांव निवासी रूपक राणा का तबादला होने के बाद नए शाखा प्रबंधक विभव कुमार के सामने शनिवार को खातों से रुपये निकालने की शिकायत की गई थी। शिकायतें बढ़ने पर क्षेत्रीय कार्यालय की पांच सदस्यीय टीम ने जांच की। गड़बड़ी मिलने के बाद शाखा में तैनात मैनेजर रूपक राणा, सहायक प्रबंधक नेहा, कैशियर गौरव, क्लर्क बाबू के निलंबन की संस्तुति की गई थी।
क्षेत्रीय प्रबंधक युसूफ खान ने बुधवार को आरोपी कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है। शुरुआत में पुलिस को 90 लाख रुपये की हेराफेरी की जानकारी दी गई थी। बुधवार को बैंक की विजिलेंस की टीम ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर प्रगति रिपोर्ट की जानकारी दी। एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि अब 5.15 करोड़ रुपये के गबन की जानकारी दी गई है। राशि बढ़ने की वजह से अब मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा से कराई जाएगी।
इस तरह निकाले रुपये
बैंक की जांच में बचत खातों के मोबाइल नंबर बदलकर धनराशि निकाली गई। ग्राहकों तक धन निकासी का मैसेज ही नहीं पहुंचा। इसके अलावा एफडीआर पर लोन दर्शाया गया। केसीसी खातों में हेरफेर कर ग्राहकों को चूना लगाया गया।
बैंक लौटानी शुरू करेगा धनराशि
क्षेत्रीय प्रबंधक युसूफ खान ने बताया कि तीन दिनों में मिली शिकायतों की छंटनी की जा रही है। एक-एक खातों की कई-कई शिकायतें हैं। जांच के बाद जिन ग्राहकों को बैंकिंग प्रक्रिया में नुकसान हुआ है, उन्हें धनराशि लाैटानी शुरू की जाएगी।