मुजफ्फरनगर। गैंगस्टर के करीब 27 साल पुराने मुकदमे में दो दोषियों को चार-चार साल कारावास की सजा सुनाई गई है। गैंगस्टर कोर्ट के पीठासीन अधिकारी काशिफ सेख ने फैसला सुनाया।
भोकरहेड़ी निवासी कर्मवीर ने पुलिस को बताया था कि 20 मार्च 1998 को उनका छह साल का बेटा जॉनी गायब हो गया था। अगले दिन घर के आंगन में रंगदारी की चिट्ठी मिली थी। 24 मार्च को अपने लड़के को छुड़ाने के लिए बदमाशों की ओर से बताए गए स्थान पर रुपये भी दे दिए थे, लेकिन 10 दिन बाद बेटे का शव मिला था। पीड़ित पक्ष ने मोहल्ले के ही मुकेश, विनोद और सुभाष के खिलाफ 28 मार्च 1998 को मुकदमा दर्ज कराया गया। तत्कालीन एसओ भोपा ओम प्रकाश सिंह ने आरोपियों के विरुद्ध 2/3 गैंगस्टर का मुकदमा पंजीकृत कराया था। गैंगस्टर कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई हुई। अभियुक्त मुकेश व विनोद को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। तीसरे आरोपी की पत्रावली अलग कर दी गई थी। संवाद