पीपलहेड़ा गांव में सड़क हादसे के शिकार हुए लोगों का अंतिम संस्कार करते परिजन।
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पीपलहेड़ा में एक साथ चार चिताएं जलीं
तितावी (मुजफ्फरनगर)। गांव पीपलहेड़ा से रोजी-रोटी की तलाश में निकले तीन परिवारों की खुशियों पर मौत ने झपट्टा मार दिया। सहारनपुर के झाड़वन में हुए हादसे में दो सगे भाइयों समेत चार लोगों की एक साथ मौत से गांव में कोहराम मच गया। शाम को एक साथ ही गांव में चार चिताएं जलीं। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा गांव रो पड़ा।
थाना क्षेत्र के गांव पीपलहेड़ा निवासी अनुसूचित जाति के करीब दस परिवारों के 35 सदस्य शनिवार देर रात करीब दस बजे मजदूरी के लिए पंजाब प्रांत के जनपद लुधियाना के कस्बा रायकोट स्थित ईंट-भट्ठे के लिए रवाना हुए थे। सभी लोग डीसीएम में सवार थे। घर से निकलने के करीब डेढ़ घंटे बाद ही सहारनपुर जनपद के गंगोह-तीतरो मार्ग स्थित गांव झाड़वन के पास ग्रामीणों ने चाय पीने के लिए डीसीएम रुकवाया था। बेकाबू ट्रक ने यहां सड़क किनारे खड़े ग्रामीणों को कुचल दिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मौके पर ही चार ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गए। मृतकों में दो सगे भाई विपिन (27) व नीटू (22) पुत्रगण दरियाव सिंह के साथ ही लाल्ला (40) पुत्र कदरू और सोनू (22) पुत्र चतरपाल शामिल हैं। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई बबीता (26) पत्नी ऋषिपाल को सहारनपुर जिला अस्पताल से गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया है। इनके अलावा घायलों में ऋषिपाल, अश्वनी, मिंटू व दीपांशु भी शामिल हैं। देर रात डायल-112 द्वारा पीपलहेड़ा में ग्रामीणों को हादसे की जानकारी दी गई, जिसके साथ ही हादसे के शिकार हुए सभी परिवारों में कोहराम मच गया। रविवार को दोपहर बाद सहारनपुर में ही चारों शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद शव गांव लाए गए, जहां गमगीन माहौल में एक साथ चारों शवों का अंतिम संस्कार किया गया। भीषण हादसे पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। किसी ग्रामीण के घर का भी चूल्हा तक नहीं जला।