मुजफ्फरनगर। साइकिल पंक्वर लगाने वाला खालापार का हिस्ट्रीशीटर शाहरुख पठान पूर्व विधायक के संरक्षण में आते ही विवादित जमीनों की खरीद फरोख्त के काम में जुट गया था। एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि अवैध कमाई से खरीदी हुई करोड़ों की संपत्ति अपने परिचितों, रिश्तेदारों और संबंधियों के नाम कराई गई। पुलिस अब पूर्व विधायक और मारे गए शाहरुख पठान के गठजोड़ से अर्जित की गई संपत्ति की छानबीन कर रही है।
पुलिस कस्टडी में 2015 में रेलवे स्टेशन पर आसिफ जायदा की हत्या करने के बाद शाहरुख पठान ने हत्या के गवाह उसके पिता यासीन की दो साल बाद फरारी काटने के दौरान हत्या कर दी थी। इसी साल उसने हरिद्वार में कंबल व्यापारी की भी हत्या की। फरारी काटने के दौरान उसने मुख्तार अंसारी व संजीवा जीवा गिरोह का दामन थामा।
इसका फायदा उसने व्यापारी हत्याकांड में जमानत पर आने के बाद उठाया। उसने एक पूर्व विधायक के साथ मिलकर विवादित जमीनों की सौदेबाजी शुरू कर दी थी। एसटीएफ की जांच में यह भी सामाने आया है कि पूर्व विधायक के कहने पर पठान लोगों को धमकाता था।
जमीन की सौदेबाजी के धंधे से जुड़ने के बाद शाहरुख पठान ने करोड़ों की संपत्ति खालापार व अन्य क्षेत्रों में खरीदी है। यह संपत्ति उसने अपने परिचितों, रिश्तेदारों व संबंधियों के नाम से खरीदी हैै। एसटीएफ ने पूर्व विधायक के साथ शाहरुख पठान की संपत्ति की खोजबीन शुरू की है।
खास तरीके से घंटे बजाता था शाहरुख
शाहरुख पठान अधिकतर बिहार आता जाता रहता था। वह कहां जा रहा है और किसके साथ जा रहा है । किसी का पता नही रहता था। रात में जब भी घर व किसी रिश्तेदार के घर के दरवाजे पर लगी घंटी विशेष अंदाज में बजती थी, तब सभी समझ जाते थे कि शाहरुख आया है। घर के दरवाजे भी खोल दिए जाते थे।
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क्या है मामला
14 जुलाई की आधी रात के बाद मेरठ की एसटीएफ ने छपार के बिजाेपुरा गांव के जंगल में मुख्तार अंसारी व संजीव जीवा गिरोह के शूटर खालापार निवासी हिस्ट्रीशीटर शाहरुख पठान को मार गिराया था। उससे एक कार व एक रिवाल्वर व दो पिस्टल व भारी संख्या में कारतूस बरामद हुए थे।
इन्होंने कहा-
इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। सुबूत एकत्र किए जा रहे है। पूर्व विधायक का नाम भी जांच में आया है, जिस पर तथ्य एकत्र किए जा रहे हैं। - बृजेश कुमार, एसपी एसटीएफ