छपार(मुजफ्फरनगर)। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर छपार टोल का संचालन कर रही रालोद नेता पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद मलिक की कंपनी वीकेएम को ठेका छोड़ते ही तीन करोड़ रुपये का रिकवरी नोटिस जारी किया गया। इसके विरोध में टोल पर पंचायत बुलाई गई। गठवाला खाप के थांबेदार श्याम सिंह बहावड़ी ने कहा कि नोटिस गलत है। अगर 15 जून तक समाधान नहीं हुआ तो 18 जून को महापंचायत करेंगे।
टोल की मुख्य कंपनी इनविट ने संचालन की जिम्मेदारी पिछले साल बुढ़ाना के पूर्व प्रमुख की वीकेएम कंपनी को दी थी। 11 माह का समय पूरा होने के बाद वीकेएम ने ठेका छोड़ दिया। इनविट की ओर से करीब तीन करोड़ रुपये के रिकवरी नोटिस वीकेएम को भेज दिया गया।
बृहस्पतिवार को टोल पर पंचायत में गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिंह ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 18 जून को टोल महापंचायत करेंगे। इस दौरान टोल को फ्री कर दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
पूर्व प्रमुख विनोद मलिक ने कहा कि बृहस्पतिवार को उनका ठेका समाप्त होने के बाद यह दूसरी कंपनी को मिल गया है। इनविट कंपनी ने गलत तरीके से वसूली नोटिस दिया है। पंचायत के बीच पहुंचे इनविट के अधिकारी जलजीत काजल, संतोष कुमार और नितिन शर्मा पंचायत के बीच पहुंचे। उन्होंने 15 जून तक समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
इस मौके पर सुरेंद्र सहरावत, विकास, दीपक राठी, मनोज कुमार, रविंद्र सिंह, मोनू प्रधान, ब्रह्मपाल, सत्यपाल, कर्मबीर सिंह और मांगेराम मौजूद रहे।
-
किसान संगठनों के वाहन निकाले : मलिक
पूर्व प्रमुख ने कहा कि टोल से सरकारी गाड़ियां, किसान संगठन और आासपास के गांव के वाहन बिना टोल दिए निकलते हैं। उन्होंने कहा कि इनविट की ओर से ही इन वाहनों को पहले ही फ्री कर रखा था। इसके बावजूद उनकी कंपनी को करीब तीन करोड़ रुपये वसूली का नोटिस जारी किया गया है। यह पूरी तरह गलत है।
-
डिप्टी मैनेजर की हत्या से सुर्खियों में आया टोल
मुजफ्फरनगर। छपार टोल प्लाजा पर डिप्टी टोल मैनेजर अरविंद पांडेय की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। 18 सितंबर 2025 की आधी रात को छपार टोल प्लाजा पर ही विवाद हुआ, इसके बाद वारदात अंजाम दी गई। प्रकरण से टोल सुर्खियों में रहा। आरोपियों ने एनएसए लगाई जा चुकी है।