बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर भैसाना गांव के पास बड़ौत डिपो की रोडवेज बस ने आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने के दौरान विपरीत दिशा से आ रही दो बाइकों में टक्कर मार दी। हादसे में बागपत के पिता-पुत्री समेत एक बाइक पर सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। कांधला के चचेरे भाइयों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
टक्कर मारने वाली बस।
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को रोडवेज बस बड़ौत से मुजफ्फरनगर के लिए चली थी। दोपहर सवा तीन बजे बुढ़ाना से निकलते ही भैसाना गांव के पास चालक ने आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। तेज रफ्तार होने के कारण बस अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। बाइक सवार उछलकर सड़क किनारे खेतों में जा गिरे। कई दुपहिया वाहन चालकों ने किसी तरह इधर-उधर वाहन दौड़ाकर जान बचाई।
बागपत में विलाप करते परिजन।
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हादसे में एक बाइक पर सवार बागपत के दोघट थाना क्षेत्र के तमेलागढ़ी गांव निवासी फरमान (26) , उसकी पुत्री सुहाना उर्फ अल्लो (3) और बहनोई बुढ़ाना के राजपुर गढ़ी निवासी मोमीन (25) की मौके पर मौत हो गई।
दूसरी बाइक पर सवार गंभीर घायल शामली के कांधला कस्बे के मोहल्ला खैल कलां निवासी चचेरे भाई साजिद (49) और इदरीश (67) को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई।
हादसे का शिकार दोनों बाइक।
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एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक, एसपी यातायात अतुल कुमार चौबे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीओ बुढ़ाना गजेंद्र कुमार ने बताया कि शवों को मोर्चरी भिजवा दिया है। बस को कब्जे में ले लिया है। चालक की तलाश की जा रही है।
शादी के कार्ड बांटने निकला था साजिद
कांधला के साजिद की दो बेटियों की शादी 18 सितंबर को होनी है। बुधवार को वह अपने चचेरे भाई इदरीश के साथ कार्ड बांटने मुजफ्फरनगर आया था, यहां से वापस लौटते समय बुढ़ाना में हादसे का शिकार हो गया।
कांधला में विलाप करते परिजन।
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सोरम से लौट रहा था बागपत का फरमान
बागपत के तमेलागढ़ी गांव का फरमान अपनी बेटी सुहाना और बहनोई मोमीन के साथ शाहपुर के सोरम गांव आया था। दोपहर के समय रिश्तेदारी से लौटते समय परिवार भैसाना में हादसे का शिकार हो गया।
चचेरे भाइयों की मौत से दो बेटियों की शादी की खुशियां गम में बदली
कांधला के मोहल्ला खैल निवासी दो चचेरे भाइयों की मौत से 18 सितंबर को होने वाली दो बेटियों की शादी की खुशियां गम में बदल गईं। दोनों चचेरे भाई रिश्तेदारों को शादी के कार्ड देने के लिए सुबह बाइक पर घर से निकले थे। मुजफ्फरनगर में हुए हादसे में दोनों की मौत होने से परिजनों में गम का माहौल बना है।
गमजदा लोग और मौजूद पुलिस।
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मेहनत-मजदूरी करते थे दोनों भाई
इदरीश के पारिवारिक भाई शाहरुख ने बताया कि साजिद ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके चार बेटियां हैं। उधर, इदरीश भी मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बने थे। इदरीश के पांच बेटे और पांच बेटियां हैं। सभी बच्चों की शादी हो चुकी है।
पोस्टमार्टम हाउस पर परिजन।
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दवा लेने शाहपुर गए थे फरमान, बागपत के तमेलागढ़ी में मातम
बागपत के तमेलागढ़ी गांव निवासी आलम ने बताया कि फरमान अपने परिवार के साथ बागपत के ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता था। फरमान घर से जाने से पहले परिजनों से कहकर गए थे कि सोरम से वापस आते समय शाहपुर के जर्राह से जांग में निकली फुंसी-फोड़े की दवा और बेटी को बुखार की दवा दिलाकर आएंगे।
पोस्टमार्टम हाउस पर परिजन।
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हादसे के बाद पुलिसकर्मियों ने गांव में फोन कर जानकारी दी। परिवार वाले मुजफ्फरनगर चले गए। फरमान के परिवार में पत्नी नसीमा, बड़ा बेटा रहमान, मां समीना और पिता उमरदीन, बड़ा भाई आशु हैं।
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