बुढ़ाना। देर रात परासौली गांव में तालाब में फैली समुन्दर सोख और दलदल में धंसने से पांच गोवंश की मौत हो गई। सूचना मिलते ही यूपी 112 पुलिस, हल्का लेखपाल, ग्राम पंचायत सचिव व पशु चिकित्साधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मौजूदगी में पांचों मृत गोवंश को तालाब के किनारे जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर जमीन में दबवाया गया। गोवंश की व्यवस्था को लेकर सरकारी इंतजाम नाकाफी होने से ग्रामीणों में रोष है।
कोतवाली क्षेत्र के परासौली गांव मे मंगलवार सुबह गांव के बाहर तालाब में पांच गोवंश मरने की सूचना से ग्रामीणों में रोष फैल गया। गांव के पूर्व प्रधान सतेन्द्र सैनी ने सूचना यूपी 112 पुलिस और अफसरों को दी। सूचना मिलते ही यूपी 112 पुलिस, हल्का लेखपाल व ग्राम पंचायत सचिव मौके पर पहुंच गए। एसडीएम कुमार भूपेंद्र के निर्देश पर पशु चिकित्साधिकारी ग्राम जौला व पशु चिकित्साधिकारी बुढ़ाना भी मौके पर पहुंच गए। जेसीबी मशीन मंगवाकर सभी मृत गोवंश को ग्रामीणों की सहायता से दलदल से बाहर निकलवाया गया। गांव के शिव मंदिर के महंत नरेन्द्र गिरी की सलाह पर तालाब किनारे जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाया और मृतक गोवंश को नमक डालकर जमीन में दबवा दिया गया। इस मौके पर गोपाल सैनी, डॉ. रविंद्र, सचिन, जोनी, रविंद्र वर्मा, पूर्व प्रधान सतेंद्र व महंत नरेंद्र गिरी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने गोशाला बनवाने की मांग की
बुढ़ाना। पूर्व प्रधान सतेन्द्र सैनी व गोपाल सैनी सहित ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गोवंश की व्यवस्था करने में सरकार नाकाम रही है। देहात क्षेत्र में सैकडों गोवंश लावारिस घूम रहे हैं जो फसलें भी बर्बाद कर रहे हैं। सरकार को अधिक गोशालाओं का निर्माण करवाना चाहिए। गोवंश के रख रखाव के लिए भी अधिक धन की आवश्यकता है। परासौली के ग्रामीणों ने गांव में गोशाला बनवाने की मांग की।
गोशाला की स्थिति
बुढ़ाना। कस्बे की कान्हा गोशाला में 150 गोवंश की क्षमता के विपरीत करीब 200 गोवंश रखे जा रहे हैं। अधिशासी अधिकारी ओमगिरी का कहना है कि गोशाला में गोवंश का खर्चा चंदे और दानपात्र से पूरा किया जाता है। अटाली गांव में गोशाला में करीब 40 गोवंश है। नीमखेड़ी गांव की अस्थाई गोशाला में 20-22 गोवंश है।
रात को गोवंश का यह झुंड गांव के तालाब में फैली समुन्दर सोख व दलदल में धंस गया। कड़ाके की ठंड व दलदल में धंसने से गोवंश की मौत हुई है। - खंड विकास अधिकारी सुभाष चंद।
रात के अंधेरे में पांचों गोवंश तालाब में फैले समुन्दर सोख को हरे चारे का खेत समझकर घुस गए। तालाब की दलदल में धंसने से गोवंश की मौत हो गई। पशु चिकित्साधिकारी व हल्का लेखपाल की मौजूदगी में सभी गोवंश को जमीन में दबवाया गया।- एसडीएम कुमार भूपेन्द्र।