मुजफ्फरनगर जनपद में स्वास्थ्य महकमे के विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई है। दूसरी लहर में विफलता की शिकार हुईं प्रशासनिक मशीनरियां इस बार अभी से सजग हो गई है।
जिला महिला चिकित्सालय में बनाए जा रहे पीआईसीयू में बिछाई गई ऑक्सीजन की लाईन।- फोटो : MUZAFFARNAGAR
जिला चिकित्सालय में भी एक ही बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा हैं। महिला चिकित्सालय की बात करें तो वहां चार बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जिनमें डॉ. मुकेश उपाध्याय, डॉ प्रेमापंत त्रिपाठी, डॉ अनुज और डॉ हेमलता नियुक्त हैं। यहां डॉक्टरों की कमी के चलते तीन डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति हैं। सरकार ने हर जिला चिकित्सालय में बच्चों के उपचार के लिए पीआईसीयू (पीकू) बनाने के भी आदेश दिए है।
महिला चिकित्सालय में बन रहा 25 बेड का पीआईसीयू
कोरोना से संक्रमित होने पर बच्चों के उपचार के जिला महिला चिकित्सालय में 25 बेड का पीआईसीयू का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर उपचार के लिए बच्चों को भर्ती कराया जाएगा। 25 बेड के लिए ऑक्सीजन की पाइप लाइन बिछ गई है। 25 बेड में से 10 बेड वेंटिलेटर से युक्त होंगे। स्वास्थ्य विभाग पीआईसीयू के लिए जरूरी सामान की खरीदारी में लगा है। शासन के आदेशानुसार दस बेड पर दस नर्स और बाल रोग विशेषज्ञ के साथ अन्य स्टाफ नियुक्त जाएगा। पीआईसीयू की नोडल अधिकारी डॉ. गरिमा को बनाया गया है।