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मुजफ्फरनगर : बच्चों के उपचार के लिए नहीं चिकित्सक, कोरोना संक्रमण की तीसरी के लिए तेज हुई तैयारियां

Sun, 06 Jun 2021 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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जिला महिला चिकित्सालय जिसमें बच्चों के उपचार के लिए पीआईसीयू बनाया जा रहा है। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर जनपद में स्वास्थ्य महकमे के विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई है। दूसरी लहर में विफलता की शिकार हुईं प्रशासनिक मशीनरियां इस बार अभी से सजग हो गई है।

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शासन ने तीसरी लहर के अंदेशे को देखते हुए अभी से स्वास्थ्य विभाग को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय रहते बच्चों को उपचार दिलाया जा सके। जिले में भी स्वास्थ्य विभाग इसकी तैयारी में लगा है। हालांकि जनपद में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि बच्चों की सेहत का ध्यान बिना बाल चिकित्सकों के कैसे होगा।

जनपद में जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय के अलावा 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 43 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। ब्लाक स्तर पर बनाए गए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होनी चाहिए, लेकिन जिले में डॉक्टरों की कमी के कारण सभी सीएचसी पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।
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केवल खतौली सीएचसी पर ही बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पुष्पेंद्र कुमार नियुक्त हैं। जिले की बाकी दस सीएचसी फलौदा, तुगलकपुर, भोपा, जानसठ, मखियाली, चरथावल, बघरा, शाहपुर, बुढ़ाना, गढ़ी नौआबाद में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं।
 

जिला महिला चिकित्सालय में बनाए जा रहे पीआईसीयू में बिछाई गई ऑक्सीजन की लाईन।- फोटो : MUZAFFARNAGAR



जिला चिकित्सालय में भी एक ही बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा हैं। महिला चिकित्सालय की बात करें तो वहां चार बाल रोग विशेषज्ञ हैं, जिनमें डॉ. मुकेश उपाध्याय, डॉ प्रेमापंत त्रिपाठी, डॉ अनुज और डॉ हेमलता नियुक्त हैं। यहां डॉक्टरों की कमी के चलते तीन डॉक्टरों की संविदा पर नियुक्ति हैं। सरकार ने हर जिला चिकित्सालय में बच्चों के उपचार के लिए पीआईसीयू (पीकू) बनाने के भी आदेश दिए है।

महिला चिकित्सालय में बन रहा 25 बेड का पीआईसीयू
कोरोना से संक्रमित होने पर बच्चों के उपचार के जिला महिला चिकित्सालय में 25 बेड का पीआईसीयू का निर्माण किया जा रहा है। यहां पर उपचार के लिए बच्चों को भर्ती कराया जाएगा। 25 बेड के लिए ऑक्सीजन की पाइप लाइन बिछ गई है। 25 बेड में से 10 बेड वेंटिलेटर से युक्त होंगे। स्वास्थ्य विभाग पीआईसीयू के लिए जरूरी सामान की खरीदारी में लगा है। शासन के आदेशानुसार दस बेड पर दस नर्स और बाल रोग विशेषज्ञ के साथ अन्य स्टाफ नियुक्त जाएगा। पीआईसीयू की नोडल अधिकारी डॉ. गरिमा को बनाया गया है।

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स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी
जिले में बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। जो डॉक्टर है, उनके अलावा संविदा पर भी डॉक्टर और अन्य स्टाफ रखा जाएगा। पीआईसीयू का निर्माण कराया जा रहा है। इसके लिए डॉक्टरों की ट्रेनिंग भी प्रारंभ हो गई है। -डॉ, एमएस फौजदार सीएमओ 

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