देवबंद (सहारनपुर)। नाइट कर्फ्यू के बाद अब व्यापारियों को फिर से फिर से पूर्ण लॉकडाउन लगने का भय सताने लगा है। व्यापारियों की माने तो पिछले साल लंबे समय तक लगे लॉकडाउन के बाद अब व्यापार धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा था। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में तेजी को देखते हुए फिर से व्यापार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
नाइट कर्फ्यू से रात में चलने वाले उद्योग बंद
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त प्रदेश महामंत्री दीपकराज सिंघल का कहना है कि कोरोना संक्रमण फिर बढ़ने से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है। नाइट कर्फ्यू लगने से रात में चलने वाले उद्योग धंधे बंद होना शुरू हो गए हैं। यदि फिर से लॉकडाउन लग गया तो व्यापारी बुरी तरह से टूट जाएगा।
कच्चा माल बाहर से आना बंद, तैयार मॉल फैक्ट्रियों में पड़ा
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन विजेश कंसल का कहना है कि नाइट कर्फ्यू लगने से फैक्ट्रियों में उत्पादन कम होने लगा है, क्योंकि बाहर से कच्चा माल आना बंद हो गया। फैक्ट्रियोें में तैयार किए गए माल को खरीदने को कोई तैयार नहीं है।
रात्रि कर्फ्यू व साप्ताहिक लॉकडाउन सरकार का अच्छा प्रयास
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगराध्यक्ष अरुण गुप्ता का कहन है कि कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए सरकार द्वारा रविवार का लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू एक अच्छा कदम है। रविवार को व्यापारी अपना माल खरीदने के लिए बाहर मंडियों में जाते हैं। उनके न जा पाने के कारण भी व्यापारी समाज को आर्थिक हानि हो रही है।
लॉकडाउन में कृषि व उद्योग क्षेत्र के मिले छूट
आईआईए के सचिव जर्रार बेग का कहना है कि लॉकडाउन से व्यापार एवं उद्योग अत्यंत प्रभावित होता है। सरकार कृषि एवं उद्योग क्षेत्र को लॉकडाउन में छूट दे। आम नागरिक को कोरोना के प्रति गंभीर होना चाहिए।
व्यापारियों के खिलाफ चालान की कार्रवाई बंद हो
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के प्रदेश संगठन मंत्री हरिओम सिंघल का कहना है कि पूरे प्रदेश में साप्ताहिक बंदी एक ही दिन की होनी चाहिए। उसी दिन बाजारों को सैनिटाइज किया जाए। व्यापारियों के खिलाफ हो रही चालान की कार्रवाई बंद होनी चाहिए।
जर्रार बेग- फोटो : DEVBAND
हरिओम सिंघल- फोटो : DEVBAND
दीपकराज सिंघल- फोटो : DEVBAND