दो बच्चों के सिर से पिता और दादी का साया उठा
मुजफ्फरनगर। कोरोना महामारी ने शहर के मोहल्ला रामपुरम निवासी छवि त्यागी के परिवार की खुशियां छीन ली। कोरोना संक्रमण से चार दिनों में ही पति और सास की मौत ने ताउम्र का ऐसा जख्म दे दिया, जो कभी नहीं भरेगा। छवि के दो बच्चों के सिर से पिता और दादी का साया उठ गया। आर्थिक संकट से जूझ रही छवि को अपने दोनों मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता है।
रामपुरम निवासी एमबीए पास अनुज त्यागी शहर के भोपा रोड पर स्थित एक पेपर मिल में प्राईवेट जॉब करता था। वृद्ध मां पुष्पा, पत्नी छवि और दो बच्चों बेटी अनुष्का (9) बेटे अर्णव (4) के साथ परिवार में सब अच्छा चल रहा था। 20 अप्रैल को अनुज की तबीयत अचानक खराब हो गई। डॉक्टरों को दिखाया, मगर आराम नहीं मिला। सिटी स्कैन में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई। मगर, शहर में किसी भी अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। परेशान होकर एक रिश्तेदार से संपर्क किया। उसने पानीपत के एक अस्पताल में बेड खाली होने की जानकारी दी। वहां भर्ती कराया गया, मगर दो मई की रात को अनुज की मृत्यु हो गई। बच्चे पिता के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके। कोरोना प्रोटोकॉल में दाह संस्कार किया गया। जवान बेटे के जाने का गम बूढ़ी मां भी सहन नहीं कर सकी। बीमार हो गई, जांच कराई तो वो भी कोरोना पॉजिटिव मिली। बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां महिला ने भी 6 मई को दम तोड़ दिया। पति और सास की अचानक मौत से छवि पर गमों का पहाड़ टूट गया है। दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उस पर आ गई है। वह गृहणी है तथा बहुत आर्थिक संकट से गुजर रही है।