किसानों ने ऋण चुकाने में दिखाई दरियादिली
मुजफ्फरनगर। बकाया गन्ने का भुगतान पूरा नहीं मिला है। कोरोना काल में सभी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे हालात में भी जनपद के किसान अपना ऋण चुकाने में काफी दरियादिली दिखाई। किसानों ने सहकारी समितियों से लिया ऋण समय से अदा कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है। जनपद के किसानों ने 547.07 करोड़ में से 503.14 करोड़ रुपये जमा किए, जिससे सहकारी समितियों में 91.97 प्रतिशत ऋण जमा होने पर वसूली में जनपद का स्थान चौथा आया है।
जिले में किसान/साधन सहकारी समितियों की संख्या 68 है। इन समितियों से एक लाख से अधिक किसान सदस्य के रूप में पंजीकृत हैं। समितियों से किसानों को जोत के हिसाब से प्रति एकड़ तीस हजार रुपये तक का ऋण मिलता है। गत वर्ष जनपद की इन समितियों से 85315 किसानों ने ऋण लिया था। समितियों का ऋण देने और ऋण वसूली का कलेंडर वर्ष एक जुलाई से लेकर 31 अगस्त तक होता है। गत वर्ष सहकारी समितियों की ओर से 85315 किसानों को 547.07 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था। बीते छह माह से कोरोना काल के चलते सभी के सामने अनेक परेशानी खड़ी है, जिनमें वित्तीय संकट सबसे बड़ा है। किसानों को शुगर मिलों से भी गन्ने का पूरा भुगतान नहीं मिल पाया है। अभी भी जिले की आठ शुगर मिलों पर किसानों को 820 करोड़ रुपया बकाया है। बावजूद इसके जिले के किसान अपना ऋण जमा करना नहीं भूले। उन्होंने समय पर समितियों से लिया ऋण अदा किया। हाल में खत्म हुए कलेंडर वर्ष में 31 अगस्त तक किसानों ने 503.14 करोड़ रुपये ऋण के समितियों में जमा किए, जो कि अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, जिसके लिए कोरोना काल में भी ऋण अदा करने वाले किसान बधाई के पात्र है, क्योंकि उन्होंने देश की अर्थ व्यवस्था का मजबूत करने में भी अपनी भागेदारी की है।
इन्होंने कहा...
जनपद की 68 सहकारी समितियों से जुड़े किसानों ने इस वर्ष 547.07 करोड़ के साक्षेप 503.14 करोड़ रुपये ऋण के जमा किए हैं, जो कुल मांग का 91.97 प्रतिशत है। इस उपलब्धि की बदौलत जनपद ऋण वसूली में प्रदेश में चौथे स्थान पर आया है।
- योगेंद्रपाल सिंह - एआर कोआपरेटिव