किसानों ने दरवाजों पर किया कृषि यंत्रों के साथ प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन ने देश के विभिन्न राज्यों में अंतरराष्ट्रीय किसान संघर्ष दिवस का आयोजन किया। किसानों ने अलग तरीके से गांवों में अपने घरों के गेट पर खडे़ होकर कृषि यंत्रों के साथ प्रदर्शन कर सोशल मीडिया पर आर्थिक पैकेज के मांग करते हुए फोटो शेयर किए।
किसानों ने सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी के समय हो रहे नुकसान पर कोई राहत न दिए जाने पर अपने गुस्से का इजहार किया। किसानों ने कहा कि अब कृषि में संरचनात्मक सुधारों की मांग करने का समय आ गया है। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि भूख के विरुद्ध लड़ाई में स्वास्थ्य की जरूरत को ध्यान में रखते हुए किसानों, कृषि और स्थानीय कृषि बाजार को बढ़ावा देना चाहिए एवं उन्हें सहायता प्रदान कराना चाहिए। अब समय आ गया है जब हमें हमारे किसानों की खाद्य संप्रभुता को बचाना होगा। किसान का काम लोगों को भोजन उपलब्ध कराना है, और ऐसा करना जारी रखेंगे। भाकियू के मंडल महासचिव राजू अहलावत ने कहा कि किसानों को अलग से आर्थिक पैकेज दिया जाना समय की आवश्यकता है। किसान कोरोना आपदा में भी देश के लिए रोटी का इंतजाम कर रहा है। सरकार को किसानों के साथ न्याय करना चाहिए।
शाहपुर। रसूलपुर जाटान में जिला उपाध्यक्ष सतेंद्र प्रधान के नेतृत्व में हनी बालियान, कंवरपाल बालियान, दीपक कुमार, सोमपाल, बिजेंद्र सिंह व अनुभव बालियान ने कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया। सोरम में भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष विपिन बालियान के नेतृत्व में रामपाल सिंह, संदीप बालियान, संजीव कुमार, संजय बालियान, सुशील, राहुल व शुभम ने कृषि यंत्रों का प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से राहत पैकेज की मांग की। चरथावल के ग्राम कसौली में भाकियू के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष ठाकुर कुशलवीर सिंह के नेतृत्व में किसान हितों की रक्षा का संकल्प लिया।
मुजफ्फरनगर में भाकियू नेता राकेश टिकैत अपने घर पर कृषि यंत्रों का प्रदर्शन करते हुए।- फोटो : MUZAFFARNAGAR