परिषदीय स्कूलों के बच्चों का शिक्षा स्तर सुधारने की कवायद
मुजफ्फरनगर। परिषदीय स्कूलों में नौनिहालों की शिक्षा स्तर के सुधार के लिए शासन नए शिक्षा सत्र में एक सौ दिवसीय ज्ञानोत्सव कार्यक्रम शुरू कर रही है। मिशन लक्ष्य में पिछड़ने वाले विद्यार्थियों के लिए 50 मिनट की अतिरिक्त कक्षा चलाई जाएगी। नए सत्र में परिषदीय स्कूलों के बच्चों का शिक्षा स्तर और सुधारने के लिए कवायद प्रारंभ कर दी गई है। कोविड के चलते इस साल भी शासन ने कक्षा आठ तक के बच्चों को प्रोन्नत करने का आदेश दिया है।
प्रेरणा लक्ष्य से कमजोर विद्यार्थियों को मुख्य धारा में लाने के लिए उपचारात्मक शिक्षण कार्य 100 दिन तक रोजाना कराया जाएगा। शिक्षक बच्चों की पढ़ाई आंकलन प्रपत्र बनाकर उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने के लिए परिपक्व किया जाएगा। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पिछले सत्र में भाषा और गणित में जो लक्ष्य दिया है। उसके मूल्यांकन के बाद कमजोर बच्चों की सूची तैयार कर ली गई है। ऐसे बच्चों को अन्य बच्चों की तरह दक्ष करने का प्रयास किया जाएगा। घिस्सुखेड़ा उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक आदेश शर्मा कहते है कि विभाग द्वारा ज्ञानोत्सव कार्यक्रम से बच्चों का आधार मजबूत होगा और उनके अंदर की हीन भावना खत्म करने का प्रमुख ध्येय है। इस सत्र में कक्षा एक में एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ाने के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षण जिलेभर में हो चुका है। हालांकि शासन द्वारा अभी इस संबंध में स्पष्ट आदेश नहीं आए है और ना ही पुस्तकें विभाग को उपलब्ध कराई गई है। शिक्षक मोहम्मद अजीम का कहना है सरकार द्वारा परिषदीय स्कूलों के लिए संचालित योजनाएं बच्चों के कॅरियर में बेहतर बदलाव करेगी। कायाकल्प योजना और प्रेरणा लक्ष्य के बाद सीबीएसई के पब्लिक स्कूलों में अभिभावकों द्वारा बच्चों को भेजने का क्रेज आने वाले दिनों में कम होगा।