मुजफ्फरनगर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय उत्पाद के आयात पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ में कमी के संकेतों पर उद्यमी उत्साहित हैं। उद्यमियों का मानना है कि यदि टैरिफ में कमी आती है तो निर्यात में बढ़ोतरी होगी। उस स्थिति में स्थानीय पेपर उद्योग सहित अन्य उत्पाद बनाने वालों को भी लाभ पहुंचेगा।
अमेरिका की ओर से अगस्त माह में भारत से आयातित माल पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया गया था, जिस कारण जनपद के कई उद्योगों के प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था। जनपद में तैयार क्राफ्ट पेपर विदेश निर्यात होने वाले माल की पैकिंग में काम आता है। निर्यात घटने से पेपर उद्योग प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था। अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से टैरिफ घटाने पर विचार करने संबंधी बयान पर उद्यमियों को आशा की किरण नजर आई है।
टैरिफ कम होने से पहुंचेगा लाभ: भीमसेन कंसल
उद्यमी भीमसेन कंसल का कहना है कि टैरिफ बढ़ने से स्थानीय उद्योगों के प्रभावित होने की आशंका थी। कहा कि यदि लंबे समय तक टैरिफ में बढ़ोतरी चलती तो निश्चित तौर से कोई न कोई नकारात्मक प्रभाव स्थानीय उद्योग पर भी पड़ता है। अब जब टैरिफ में कमी करने की बात सामने आई है तो निश्चित तौर से यह काफी सकारात्मक है।
उद्यमी अपनी ताकत से आत्मनिर्भर बनेंगे: पवन गोयल
आईआईए के डिविजनल सेक्रेटरी पवन गोयल का कहना है कि मुक्त अर्थव्यवस्था में अमेरिका की ओर से लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ गलत है। यदि अमेरिकी राष्ट्रपति इसमें कमी करने पर विचार कर रहे हैं तो उनके इस कदम का स्वागत किया जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है। लेकिन अधिक टैरिफ निर्यात को हतोत्साहित कर सकता है।