लोकसभा चुनाव के लिए सपा-रालोद के बीच सीटों का गणित लगभग तय है। लेकिन समाजवादी पार्टी सियासी रण में रालोद के हिस्से की चार सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारना चाहती है, जिससे गठबंधन में असमंजस का माहौल है। हाथरस सुरक्षित और मुजफ्फरनगर सीट पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। हालांकि, रालोद ने बिजनौर और कैराना में सपा के उम्मीदवारों पर हामी भर दी है।
सियासी रण में गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच सीटों को लेकर खींचतान जारी है। रालोद के हिस्से में मुजफ्फरनगर, हाथरस सुरक्षित, मेरठ, बागपत, कैराना, बिजनौर और मथुरा सीट तय है। लेकिन सपा के दांव से रालोद के रणनीतिकार असहज है। सपा ने कैराना, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और हाथरस सुरक्षित सीट पर अपने प्रत्याशी रालोद के सिंबल पर लड़ाने की रणनीति तैयार की है।
साक्षी मलिक को अखाड़े में उतारने की तैयारी
मुजफ्फरनगर सीट पर गठबंधन से सबसे चौंकाने वाला नया नाम ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक का भी चर्चा में शामिल हो गया है। रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह की पत्नी चारू चौधरी अगर चुनाव नहीं लड़ती तो बागपत या मुजफ्फरनगर से साक्षी मलिक के नाम पर भी मुहर लग सकती है। इसके अलावा पहलवान बजरंग पूनिया, बिजनौर के अभिनेता सुशांत सिंह का नाम भी रालोद के खेमे से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर से इनके नाम सबसे आगे
गठबंधन में मुजफ्फरनगर सीट पर सपा के कोटे से पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक दावेदार हैं। जबकि रालोद से ओलंपियन साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया, शामली विधायक प्रसन्न चौधरी, पूर्व मंत्री योगराज सिंह, मनीषा अहलावत के नाम पर भी चर्चा चल रही है।
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