दारुल उलूम में प्रवेश से पूर्व थर्मल स्क्रीनिंग कराते मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी
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देवबंद (सहारनपुर)। पिछले आठ माह से बंद इस्लामी तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम को खोले जाने की कवायद तेज हो गई। मंगलवार को डीएम के आदेश पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दारुल उलूम पहुंचकर प्रबंधतंत्र से मुलाकात की। साथ ही संस्था में जांच की। दारुल उलूम में प्रवेश से पूर्व थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क लगाना भी अनिवार्य कर दिया।
शासन के विश्वविद्यालयों को खोले जाने के आदेश के बाद दारुल उलूम ने डीएम और शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर दारुल उलूम को खोले जाने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद मंगलवार को डीएम के निर्देश पर शिक्षा विभाग के विपिन कुमार सहरावत सहित दो अधिकारी दारुल उलूम पहुंचे और मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रबंधतंत्र से छात्रों के रहन सहन के बारे में जानकारी ली और कक्षाओं में जाकर जांच की।
उन्होंने बताया जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। डीएम के आदेश के बाद ही संस्था में शिक्षण कार्य शुरू होगा। वहीं, दारुल उलूम प्रबंधतंत्र ने एलान चस्पा कर सभी लोगों के लिए संस्था, लाइब्रेरी और एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में प्रवेश से पूर्व थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। मोहतमिम ने प्रवेश से पूर्व थर्मल स्क्रीनिंग कराकर यह संदेश दिया कि यह सभी के लिए जरूरी है।