मुजफ्फरनगर। सुनहरे भविष्य का सपना लेकर विदेश जाने वाले भारतीय नागरिक इन दिनों कंबोडिया में मानव तस्करी और साइबर ठगी के जाल में फंस रहे हैं। सोशल मीडिया पर फैलाई जाने वाली झूठी चमक-दमक का शिकार होकर वह कंबोडिया पहुंचते हैं, जहां उनका स्वागत भयावह हकीकत से होता है। सुनहरे सपने चकनाचूर हो जाते हैं और वह मानव तस्करों के चंगुल में फंस जाते हैं। वापस आने की बात करने पर, अपनों को ठगने और झांसे में लेकर कंबोडिया तक लाने की शर्त रखी जाती है।
कंबोडिया से वापस लाए गए वसीम और मोहिन ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर भेजा गया था। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उन्हें एक चीनी कंपनी में गलत काम के लिए बेच दिया गया है। मना करने पर उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ित मुस्तफा ने बताया कि वह नौकरी की तलाश में था और एक परिचित के कहने पर कंबोडिया चला गया। वहां उसे जो काम बताया गया था, वह वैसा कुछ नहीं था। उसने देखा कि चीन के लोग भारतीय युवकों से भारतीय लोगों को लूटने का काम करवा रहे थे। मना करने पर उसे भी पीटा गया और वह किसी तरह वहां से वापस आ पाया।