डीजे कोर्ट से डीपीएम की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
मुजफ्फरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) बलजीत सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज कोर्ट से खारिज हो गई। कोर्ट ने एडीजीसी द्वारा आरोपी के फरार होने की आशंका जताए जाने पर अर्जी खारिज करने का निर्णय लिया।
शहर के साकेत कॉलोनी निवासी ठेकेदार लवी त्यागी ने शहर कोतवाली में गत 21 जून को डीपीएम बलजीत सिंह व उसके साथी नवीन कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी से सात लाख रुपये हड़पने के आरोप मेें रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लवी त्यागी का कहना है कि डीपीएम व नवीन ने खुद को नगरपालिका में अधिकारी बताते हुए लखनऊ से सात करोड़ रुपये के ठेके उसे दिलाने की बात कही। इसके ऐवज में एक प्रतिशत कमीशन के सात लाख रुपये आरोपियों ने अक्तूबर 2019 में नवीन कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद न तो ठेकेदार को कोई ठेका मिला और न ही उसके रुपये लौटाए गए, उल्टे उसे धमकियां दी गईं।
ठेकेदार ने दोनों के खिलाफ व्हाट्सएप मेसेज और रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध कराईं। डीपीएम बलजीत सिंह ने इस मामले में अपनी अग्रिम जमानत अर्जी अधिवक्ता नकली सिंह के माध्यम से जिला जज कोर्ट में दाखिल की थी। एक जुलाई को अर्जी पर सुनवाई हुई, जिसमें एडीजीसी ने ठेकेदार द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों को प्रभावी बताते हुए जमानत मिलने पर आरोपियों के फरार होने की संभावना व्यक्त की थी। जिला जज राजीव शर्मा ने साक्ष्यों के आधार पर अभियोग की प्रकृति व गंभीरता के मद्देनजर डीपीएम बलजीत सिंह की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।