भारतीय किसान यूनियन ने सोमवार को डीएम दफ्तर पर कब्जा जमाए रखा। कार्यकर्ता एसएलओ ऑफिस की मुआवजे की फाइल और कुर्सी उठाकर ले आए। ऑफिस में मौजूद क्लर्क को अपने बीच बैठा दिया। समझौता वार्ता से पहले भाकियू ने डीएसओ, लोक निर्माण विभाग, बिजली और जल निगम के अधिकारियों को अपने बीच में बैठाया। भाकियू ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन केे ज्ञापन भी दिया।
सोमवार को कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय पर भाकियू का झंडा फहरता दिखाई दिया। भाकियू का आंदोलन प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के विरोध में था। योजना को किसानों के लिए नाकाफी बताया गया। मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया गया। योजना में संशोधन की मांग की गई। विरोध के बहाने भाकियू ने जिला प्रशासन को जमकर हड़काया। जमीन का मुआवजा समय से नहीं मिलने पर भाकियू कार्यकर्ता एसएलओ ऑफिस में घुस गए। ऑफिस में रखी फाइलें अपने कब्जे में ले लीं। विभाग की कुर्सी और क्लर्क को भी डीएम दफ्तर पर अपने बीच ले आए।
डीएम दफ्तर से उठने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट के सामने शर्त रखी कि जिन विभागीय अधिकारियों से किसानों को शिकायत है, उन्हें धरना स्थल पर बुलाया जाए। इसी के चलते लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, जल निगम, बिजली विभाग और पूर्ति विभाग के अधिकारी मौके पर बुलाए गए। इन अधिकारियों को भी भाकियू ने अपने बीच धूम में बैठाया। इसके बाद डीएम ऑफिस के अंदर राकेश टिकैत ने अधिकारियों की जमकर क्लास ली। टिकैत ने लोक निर्माण के अधिकारियों से कहा कि एक सड़क को कई-कई संस्थाएं बनी दिखा रही है। सड़कों पर मानक से ज्यादा वजन के वाहन चल रहे हैं।
डीएसओ मदन यादव से कहा कि गांवों में जो कोटेदार है, वह प्रभावशाली लोग हैं, गरीबों को राशन नहीं देते हैं। ऐसे जितने भी गांव है, उनमें राशन विक्रेता बदले जाएं। राकेश टिकैत ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अब उनका धरना लंबा चला करेगा। प्रत्येक दिन एक विभाग के अधिकारियों को अपने बीच में बैठाकर उनसे लोगों की समस्याओं को निराकरण कराया जाएगा। सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह और सीओ सिटी तेजवीर सिंह ने भाकियू नेताओ को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर होगा।
इस अवसर पर भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत, बिजेंद्र बालियान, नवीन राठी, योगेश शर्मा, धीरज लाटियान, पीयूष पंवार, कमल शर्मा, संजय त्यागी, भानू, सुनील प्रधान, हरिओम त्यागी, ओमप्रकाश शर्मा, अनुज बालियान, सुधीर, कपिल सोम, सतीश भारद्वाज, बबलू, विपुल निर्वाल, विनय भारद्वाज, अहसान त्यागी, आबिद चौधरी आदि कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।