मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने गन्ने की सामान्य प्रजाति को रिजेक्ट में शामिल करने के विरोध में डीएम ऑफिस पर हंगामा किया। किसानों ने गन्ने को तीन श्रेणियों में बांटे जाने का भी विरोध किया और इसे गन्ना किसान के लिए मिलों का छल बताया। डीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनके साथ किसी तरह का धोखा नहीं होगा। डीसीओ को प्रकरण में कार्रवाई करने के आदेश दिए गए।
भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सुबह 11 बजे डीएम ऑफिस पर हंगामा कर दिया। कलेक्ट्रेट में ट्रैक्टर खड़े कर अधिकारियों के वाहनों के रास्ते बंद कर दिए। किसानों का आरोप था कि चीनी मिले किसानों के साथ धोखा कर रही है। किसानों ने डीएम निखिलचंद्र शुक्ला को बताया कि उनका सामान्य जाति का गन्ना चीनी मिलों ने रिजेक्ट प्रजाति में शामिल कर दिया।
किसानों ने यह भी बताया कि यह पहली बार हो रहा है कि गन्ने को चीनी मिलों ने तीन श्रेणियों में बांट दिया। सामान्य, अरली और रिजेक्ट। चीनी मिले प्रदेश सरकार को बदनाम कराने का काम कर रही है। डीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि वह पूरे मामले की डीसीओ से जांच कराकर तुरंत कार्रवाई करेंगे। चीनी मिलों पर कार्रवाई को लेकर डीएम और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
बाद में 24 घंटे की कार्रवाई पर मामला निपट गया। किसानों की भीड़ को देखते हुए कचहरी में सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह, सीओ सिटी तेजवीर सिंह, एसओ सिविल लाईन चंद्रकिरण यादव भी पहुंच गए। बाद में मामले निपटने पर सभी ने राहत की सांस ली। भाकियू के विकास शर्मा, कपिल सोम, हरिओम त्यागी आदि मौजूद रहे।