मुजफ्फरनगर। गांव निरमाना में तालाब की चाहरदीवारी कराए जाने संबंधी दी गई जांच रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने डीएम और एसडीएम सदर को कोर्ट में पेश होकर हलफनामा देने का आदेश जारी किया है। इस मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने गांव निरमाना पहुंचकर जांच की थी।
तहसील सदर के गांव निरमाना के तालाब में डूबने से करीब दो वर्ष पूर्व एक युवक की मौत हो गई थी। गांव निवासी सुरेन्द्र त्यागी ने बताया कि उसका पुत्र मोनू (28) सात जून 2023 को बछड़े को पकड़ने के लिए तालाब की ओर दौड़ा था। वह बछड़े के पीछे तालाब की ओर गया तो उसमें डूबने से उसकी मौत हो गई थी। आरटीआई के माध्यम से ली गई सूचना के आधार पर पता चला था कि लघु सिंचाई विभाग की ओर से तालाब सुंदरीकरण और बाउंड्रीवाल कराने के नाम पर 1.66 करोड़ रुपये खर्च दर्शाए गए थे।
इस मामले मेंं शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर सुरेंद्र त्यागी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रितेश सचदेवा को मौके पर जाकर मुआयना कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे।
उन्होंने 21 फरवरी को राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ निरमाना पहुंचकर तालाब की जांच की थी। जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि अभिलेख पर दिये गए तथ्यों से स्पष्ट है कि प्रतिवादियों की ओर से तालाब की चहारदीवारी होने संबंधी दिए गए निर्देश तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
इस तरह एसडीएम सदर की ओर से दी गई रिपोर्ट गलत पाई गई। हाईकोर्ट ने डीएम को वर्तमान रिट याचिका में उठाए गए कारण के संबंध में अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। जबकि एसडीएम सदर को भी हलफनामे के साथ 11 मार्च को तलब किया।