दिव्या काकरान को सम्मानित करते दिल्ली के मुख्यमंत्री।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सचिवालय भवन दिल्ली में एशियन गेम्स की महिला कुश्ती की कांस्य पदक विजेता दिव्या काकरान को मंगलवार को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान दिव्या ने मुख्यमंत्री के सामने पक्षपात करने पर नाराजगी जताई। महिला खिलाड़ी दिव्या के पिता सूरजवीर ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को सम्मानित किया। दिव्या के हिस्से में केवल गुलदस्ता आया।
दिव्या के पिता सूरजवीर ने बताया कि गोकलपुर शाहदरा के विधायक चौधरी फतेह सिंह ने हमारे परिवार को जानकारी दी कि आप मेरी विधानसभा क्षेत्र में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एशियन गेम्स के पदक विजेताओं को मंगलवार को सम्मानित करेंगे। मैं और मेरी बेटी दिव्या विधायक के कहने पर सचिवालय में आयोजित समारोह में चले गए। हालांकि जब मुख्यमंत्री को उनके अधिकारियों ने बताया कि दिव्या ने दिल्ली की तरफ से नहीं, उत्तर प्रदेश की ओर से एशियन गेम्स में भाग लिया है, तो दिल्ली सरकार ने दिव्या के लिए कोई घोषणा नहीं की।
दिल्ली की तरफ से जिन खिलाड़िय़ों ने पदक जीते हैं। उन्हें गोल्ड पदक पर एक करोड़ रुपये, रजत लाने पर 75 लाख रुपये और कांस्य पदक लाने पर 50 लाख रुपये की घोषणा की। इस पर दिव्या ने नाराजगी जताकर पक्षपात का आरोप लगाया। जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिव्या के लिए कोई घोषणा नहीं की, तो दिव्या ने मुख्यमंत्री के सामने नाराजगी जताई। उसने कहा कि मैं दिल्ली में रहकर प्रैक्टिस कर रही हूं।
दिल्ली सरकार के विधायक के कहने पर ही हम यहां आए हैं। सोचिए जो गरीब बच्चे हैं वह आगे कैसे बढ़ पाएंगे। गांव में अच्छे कोच नहीं हैं, उन्हें दिल्ली जैसे बड़े शहर में आकर ही यह सब सुविधाएं मिल पाती हैं। आखिर मैंने भी देश के लिए पदक जीता है, तो ऐसा पक्षपात क्यों किया गया, जिस पर सीएम कुछ नहीं बोले। इस पक्षपात को लेकर महिला पहलवान दिव्या व उनके परिजनों में दिल्ली सरकार के प्रति नाराजगी है।