जिला स्तर पर राशन घोटाले की जांच पूरी कर ली गई है। जिले के 113 कोटेदार घोटाले में शामिल पाए गए हैं। शहर के 34 ओर राशन विक्रेताओं के खिलाफ मंगलवार शाम रिपोर्ट लिखा दी गई है। नगर में अब तक 99 राशन विक्रेताओं पर घोटाले में मुकदमा दर्ज हुआ है। अब से पहले जिले में 79 राशन विक्रेताओं पर मुकदमा लिखाया गया था, जिसमें 65 शहर के थे।
प्रदेश सरकार ने राशन में हुए घोटाले को पकड़ा था। 43 जिलों में ई-पॉस मशीनों में हुई सेंधमारी के जरिये करीब 12 करोड़ का घोटाला हुआ है। घोटाले में जनपद तीसरे स्थान पर है और यहां 64 आधार कार्ड से 19795 बार राशन लिया गया है। एक करोड़ से ऊपर के खाद्यान्न का घोटाला हुआ है। शासन के निर्देशों के बाद घोटाले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है। सभी 64 आधार कार्ड धारकों के खिलाफ विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज कराया गया।
इसके बाद तीन ऑपरेटर पर मुकदमा हुआ। जांच के दौरान सामने आए सबसे पहले 79 राशन विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इनमें 65 अकेले शहर के थे। जिला पूर्ति अधिकारी ने समस्त घोटाले की जांच के लिए पांच टीमें लगाई थी। इन टीमों ने जांच पूरी कर दी है। जांच पूरी होने के बाद शहर के 34 ओर डीलर घोटाले में शामिल पाए गए। मंगलवार को शहर के तीनों थानों में क्षेत्रवार इन सभी 34 राशन विक्रेताओं के खिलाफ मुकदमें लिखाए गए है। जिले में 113 और शहर में 99 राशन विक्रेता घोटाले में शामिल पाए गए है।
पूर्ति निरीक्षक पर शासन करेगा कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर ने बताया कि घोटाले में शामिल पूर्ति निरीक्षकों पर शासन कार्रवाई करेगा। पूर्ति निरीक्षकों का जो रोल सामने आया है, उसकी रिपोर्ट दे दी गई है। जिला स्तर पर जांच का कार्य पूरा हो चुका है। प्रदेश स्तर पर गठित एसटीएफ पूरे मामले की जांच कर रही है।
राशन विक्रेताओं ने पूर्ति निरीक्षक पर उठाए सवाल
मुजफ्फरनगर। राशन विक्रेताओं ने भ्रष्टाचार को स्वीकार करते हुए कहा कि हमारी 25 प्रतिशत गलती है, जबकि विभाग के अफसर 75 प्रतिशत जिम्मेदार हैं। डीलर्स के खिलाफ तो मुकदमे दर्ज कर लिए गए, लेकिन जिसके पासवर्ड से घोटाला हुआ, उस पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। एसटीएफ की जांच पूरी होने से पहले डीलर के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो।
मेरठ रोड पर एक रेस्टोरेंट में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के बैनरतले पत्रकारों से वार्ता में राशन वितरकों ने कहा कि विभाग ने डीलर्स के खिलाफ तो मुकदमे दर्ज करा दिए। अपने पासवर्ड के माध्यम से घोटाले को अंजाम देने वाली पूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। राशन विक्रेताओं ने कहा कि हम मानते हैं कि हम इस घोटाले में शामिल हैं, लेकिन हम 25 प्रतिशत जिम्मेदार हैं, तो 75 प्रतिशत विभाग भी है।
आरोप लगाया कि शहर में घोटाला पूर्ति निरीक्षक ने कराया है। ई-पॉस मशीन का पासवर्ड केवल पूर्ति निरीक्षक के ही पास होता है। पूर्ति निरीक्षक ने जबरन ई-पॉस मशीनों को अपने पास मंगवाकर उनमें छेड़छाड़ की। चार डाटा ऑपरेटर अकरम, मुकर्रम, शुभम तायल, शशिकांत को अवैध तरीके से अपने पास रखकर ई-पॉस मशीनों में खेल किया गया। राशन विक्रेताओं को धमकी दी गई कि अगर वह मशीन नहीं देेंगे तो उन पर तीन बटे सात में कार्रवाई होगी।
इस माह जब मशीनें पूर्ति निरीक्षक को नहीं दी गई तो उन्होंने 17 सितंबर को राष्ट्रीय अवकाश के दिन जब सभी लोग अटल जी का शोक मना रहे थे, राशन डीलर को नईमंडी में बुलाकर धमकाया। राशन विक्रेताओं ने कहा कि जब तक एसटीएफ जांच पूरी नहीं करती तब तक हम लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
राशन वितरकों ने पांच सितंबर से राशन वितरण का बहिष्कार किए जाने की घोषणा की। ग्रामीण क्षेत्र के राशन डीलर्स भी इसमें शामिल रहेंगे। पत्रकार वार्ता में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के कृष्ण गोपाल मित्तल, राकेश त्यागी, प्रवीण जैन, पवन वर्मा, बलविंदर सिंह, व्यापारी नेता रेवती नंदन, राशन वितरक संघ के जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह आदि शामिल रहे।
पूर्ति विभाग के खिलाफ राशन डीलरों का हंगामा
मुजफ्फरनगर। राशन डीलर्स ने मंगलवार को पुलिस ऑफिस में प्रदर्शन कर पूर्ति विभाग द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर का विरोध किया। राशन घोटाले के लिए डीलर्स ने विभागीय अफसरों को दोषी ठहराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। जिला पूर्ति विभाग द्वारा हाल ही में 64 आधार कार्ड में हेराफेरी कर 19 हजार से अधिक फर्जी उपभोक्ताओं को राशन जारी किए जाने के मामले में कुल 113 राशन डीलर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
इससे पहले उक्त 64 आधार कार्ड धारकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, जबकि हाल ही में पूर्ति निरीक्षक मोहिनी मिश्रा द्वारा भी विभाग में कार्यरत तीन कंप्यूटर ऑपरेटर्स को घोटाले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई थी। इस पूरे मामले में मंगलवार को शहर के दर्जनों राशन डीलर्स पुलिस ऑफिस पहुंचे और खुद को फर्जी फंसाए जाने की बात कहते हुए पूरे मामले में विभागीय अफसरों की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल होना बताते हुए उन्हीं की संलिप्तता का आरोप लगाया।
राशन डीलर्स का आरोप था कि पूरे मामले को अफसरों द्वारा सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम देकर उन्हें बलि का बकरा बनाया जा रहा है। राशन डीलर्स ने एसपी सिटी ओमबीर सिंह को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एसटीएफ से कराए जाने और जांच पूरी होने के बाद ही दोषी पाए जाने पर राशन डीलर्स को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है।