मुजफ्फरनगर। टोल प्लाजा पर शुल्क को लेकर डीएम उमेश मिश्रा की मौजूदगी में टोल प्रबंधकों और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल की बातचीत हुई। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्लाजा से नि:शुल्क वाहन ले जाने की सुविधा मिलनी चाहिए। देर शाम एसोसिएशन की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया कि चारों टोल उनके लिए फ्री कर दिए गए हैं। उधर, टोल प्रबंधकों का कहना है कि अभी उन्हें प्रशासन या एनएचएआई की ओर से लिखित में आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं।
वकीलों के वाहन निशुल्क निकालने का पुराना मुद्दा रहा है। बार एसोसिएशन के चुनाव में भी इस बार यह मुद्दा उठाया गया। बुधवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी और महासचिव सुरेंद्र कुमार मलिक की ओर से जारी पत्र में जानकारी दी गई है कि मुद्दे पर सहमति बन गई है। अधिवक्तओं के वाहन नि:शुल्क निकलेंगे।
डीएम उमेश मिश्रा ने टोल प्रबंधकों को बुलाया था, इस मीटिंग में वह भी शामिल हुए हैं। यहीं पर सहमति बनी है। काजी खेड़ा, रोहाना, छपार और मीरापुर टोल से गुजरने के दौरान पर अधिवक्ताओं को टैक्स नहीं देना होगा। उधर, रोहाना टोल के प्रबंधक मंदीप यादव ने बैठक की पुष्टि की है। उनका कहना है कि अभी आधिकारिक तौर पर आदेश नहीं मिले हैं। अधिवक्ताओं ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रखी है। उन्हें विभाग की ओर से जैसे आदेश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा।
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टोल-फ्री सुविधा के नियम
बार एसोसिएशन के महासचिव सुरेंद्र मलिक ने कहा कि अधिवक्ताओं को टोल-फ्री सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना होगा। उन्हें अपने वाहन में बार काउंसिल का मूल सीओपी कार्ड रखना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, वाहन में संबंधित अधिवक्ता का स्वयं उपस्थित होना भी आवश्यक है। इन दोनों शर्तों के पूरा होने पर ही अधिवक्ता टोल-फ्री यात्रा कर पाएंगे।