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ग्राउंड शहर में गंदगी के लगे अंबार, कागजों में हो रही सफाई,

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किदवईनगर के डंपिंग ग्राउंड में पहाड़ बना कूड़े का ढेर। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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शहर में गंदगी के लगे अंबार, कागजों में हो रही सफाई
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मुजफ्फरनगर। स्वच्छ सर्वेक्षण में मुजफ्फरनगर नगर पालिका सफाई के मामले में दस लाख की आबादी श्रेणी में 214 वे स्थान पर आई है। गत वर्ष के सापेक्ष इस बार रैंक में 157 अंकों का सुधार हुआ है, मगर जमीनी हकीकत में ऐसा सुधार शहर में दिखाई नहीं दिया। हालात ये है कि सफाई केवल कागजों में हो रही है, जबकि शहर में गंदगी और कूड़े के अंबार लगे हैं। शहर के अधिकांश मोहल्लों में सफाई की अभी बहुत दरकार है। कई मोहल्ले तो ऐसे हैं, जहां के निवासी दुर्गंध में रहने को मजबूर है। अमर उजाला ने शहर का भ्रमण किया तो अनेक मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर मिले। नागरिक परेशान दिखाई दिए। पालिका के पास कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है।
शहर में कूड़ा डालने के लिए छोटे बड़े 44 डलावघर है, बावजूद इसके सैकड़ों स्थानों पर कूड़ा डाला जा रहा है। मीनाक्षी चौक से पहले बने डलावघर के बजाय कूड़ा बाहर पड़ा मिला। ऐसा ही हाल रुड़की रोड पर स्वामी कल्याण देव राजकीय चिकित्सालय के पास बने डलावघर में देखने को मिला। लद्दावाला मोड़ के बाहर भी कूड़े के ढेर लगे है। मिमलाना रोड पर दोनों ओर गंदगी पड़ी मिली। शहजाद, एजाज सलमानी ने बताया कि कूडे़ के कारण जीवन नरक हो गया है। चुंगी नंबर दो और आबकारी रोड पर भी सफाई नहीं मिली। रामलीला टिल्ला पर भी गंदगी मिली। राजेश सैनी, मलखान सिंह, बंटी, अंशु जौहरी, गौरव मुंडे पूछने पर बोले, देख लो यहां के हालात, देख कर स्वयं यहां रहने वालेे की परेशानी को महसूस किया जा सकता है। शामली बस स्टैँड चौकी के सामने कृष्णापुरी रोड पर बिना डलावघर में कई मोहल्लों को कूड़ा यहां लाकर फेंका जाता है। यहां से निकलते हुए सांस लेना भी दूभर हो रहा था। प्रेमपुरी जैन औषद्यालय के बाहर ही कूड़ा डाला जा रहा है। दुकानदार राजेंद्र जैन और ट्रांसपोर्टर वकीलचंद जैन बोले, यहां डाले जा रहे कूड़े से रहना दुश्वार हो रहा है। बीमार होने की आशंका बनी रहती है। योगेंद्रपुरी, किदवईनगर में भी कूड़े और गंदगी का बुरा हाल मिला।
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मंदिर के सामने ही डाला जा रहा कूड़ा
मुजफ्फरनगर। शिव चौक के पास ही हनुमान मंदिर के सामने कई सालों से कूड़ा डाला जा रहा है, जबकि यहां पर डलावघर भी नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि हम शिकायत करते हुए थक गए, मगर यहां कूडा डालना बंद नहीं हुआ। पालिका के कर्मचारी ही कूड़ा डाल जाते है, जबकि कुछ दूरी पर मीनाक्षी चौक के पास डलावघर है।
डंपिंग ग्राउंड में बना कूड़े का पहाड़
मुजफ्फरनगर। शहर में 50 वार्डों और डलावघरों से कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था के लिए नगर पालिका की ओर से 825 सफाई कर्मी लगे हैं। मगर कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था नहीं है। किदवईनगर में बनाए गए डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का ढेर पहाड़ में तब्दील हो गया है। यहां के रहने वाले के लिए भी कूड़ा बीमारी का कारण बना है।
इन्होंने कहा---
शहर की सफाई में पहले से काफी सुधार हुआ है, तभी बीते चार सालों में रैंक अच्छी आई है। सुबह और शाम सफाई और कूड़ा उठाने का काम होता है। हां कूड़ा निस्तारण की कोई व्यवस्था अभी पालिका के पास नहीं है। जल्द टेंडर छोड़ा जाएगा।
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- विनय मणि तिवारी ईओ, नगर पालिका
- स्वच्छता को लेकर नागरिकों को जागरूक करने के कई अभियान चलाए गए हैं। फिर भी कुछ लोग जागरुक नहीं हो रहे हैं। जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शहर को पूरी तरह से साफ स्वच्छ बनाए रखने को लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
- अंजू अग्रवाल, नगर पालिका चेयरपर्सन
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