मोरना। तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित जाट धर्मशाला में धन्ना भगत स्मृति वार्षिकोत्सव हवन यज्ञ कर धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान भंडारे का भी आयोजन किया गया। भंडारे में सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
महोत्सव में मां पूर्णागिरी मंदिर के महामंडलेश्वर गोपाल महाराज ने कहा कि धन्ना भगत का जन्म स्थान राजस्थान के टोंक जिले में तहसील दूनी के पास धुवां गांव में हिंदू धालीवाल जाट परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम रामेश्वर जाट व माता का नाम गंगा बाई गड़वाल था। बचपन में ही इनके पिता चौरू को छोड़कर अभयनगर जाकर रहने लगे। जिसे वर्तमान में धुंआकलां के नाम से जाना जाता है। चौरू में भी एक हिंदू मंदिर और एक गुरुद्वारा है। महोत्सव में वैध जगपाल सिंह ने कहा कि धन्ना भगत के घर हमेशा साधु सन्यासियों, जरुरतमंदों का जमावड़ा रहता था। कार्यक्रम में सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रामफल सिंह, आदित्यवेश महाराज, भीमनाथ सिंह, इकबाल सिंह, उपदेश, तीर्थ पाल , बोबी, राजेंद्र महाराज, देवेंद्र, मनीष तोमर, इंद्रपाल आदि मौजूद रहे।