पुरकाजी। हाईवे पर शनिवार सुबह खेत में बस हादसे के बाद घायल श्रद्धालु घंटों तक सीएचसी में तड़पते रहे, लेकिन वहां डॉक्टर ही मौजूद नहीं मिले। हादसे की सूचना पर एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के साथ पहुंचे एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने सीएचसी से डॉक्टरों की गैरहाजिरी के बारे में जानकारी ली, तो पता चला कि सीएचसी पर तैनात डॉक्टर हर रोज ड्यूटी पूरी कर रुड़की चले जाते हैं, जहां रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन सुबह दस बजे के आसपास फिर से सीएचसी पहुंचते हैं।
डॉक्टरों की गैरमौजूदगी के चलते सीएचसी पहुंचाए गए सभी घायल घंटों तक उपचार के अभाव में तड़पते रहे। इस पर सीएचसी के अन्य कर्मचारियों ने जैसे-तैसे कर घायलों को उपचार देना शुरू किया। सीएचसी की यह स्थिति देख नाराज एसपी सिटी ने थाना पुलिस को डॉक्टरों की गैर मौजूदगी समेत अन्य अनियमितताओं की एक रिपोर्ट सीएमओ को भेजने के निर्देश दिए। हादसे के करीब दो से ढाई घंटे के बाद केवल एक डॉक्टर सीएचसी पहुंचे, जिसके बाद घायलों का उपचार शुरू किया गया।
अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने तीखी नाराजगी जताई। अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर संबंधित महकमे के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
मुस्लिम परिवार भी था बस में मौजूद : पुरकाजी। दिल्ली के गोविंदपुरी से गणपति विसर्जन के लिए हरिद्वार जा रहे श्रद्धालुओं की टूरिस्ट बस में वहीं का एक मुस्लिम परिवार भी था। जो कॉलोनीवासियों के साथ ही घूमने के लिए उन्हीं के साथ बस में हरिद्वार जा रहा था। परिवार के अशरफ खान ने बताया कि उनके साथ मेहराज व परवेज और चार बच्चे भी थे, जो हादसे में बाल-बाल बच गए।
तेज झटका और खाई में फिसलती चली गई बस
हाईवे बाईपास पर 20 फीट गहरे खेत में पलटी बस में सवार श्रद्धालुओं ने जिला अस्पताल में पूछताछ के दौरान बताया कि बस में सवार सभी लोग भजनों का आनंद ले रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज रफ्तार से दौड़ती बस को तेज झटका लगा, जिसके बाद बस सड़क किनारे से फिसलते हुए नीचे खाई में उतरती चली गई, जहां वह करीब 20 फीट गहरे खेत में जाकर पलट गई। गनीमत रही कि घटनास्थल के पास स्थित खेतों की गहराई खड़ी न होकर ढालदार थी, जिसके चलते बस सीधे खेत में न गिरकर फिसलते हुए नीचे पहुंची, जिस कारण हादसा भयावह रूप न ले पाया। इसके लिए बस में सवार श्रद्धालुओं के साथ ही राहगीरों ने भी अपने ईष्टदेव का शुक्रिया अदा किया।