मंदिरों में महागौरी की पूजा अर्चना को उमड़े श्रद्धालु
देवबंद। मां जगदम्बा के आठवे स्वरूप महागौरी की शनिवार को मंदिरों में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई। वहीं, अष्टमी व नवमी तिथि एक साथ पड़ने के कारण महिलाओं ने कन्याओं को भोजन कराकर अपना उपवास भी खोला।
श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मंदिर में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचने लगे थे। मंदिर में दोपहर बाद तक पूजा अर्चना की सिलसिला जारी रहा। मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष पंडित सतेंद्र शर्मा ने बताया कि नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी की विधि विधान से पूजा की जाती है। हालांकि इस बार दुर्गा अष्टमी, महानवमी और दशहरा की तिथियों को लेकर लोगों में दुविधा की स्थिति है। हिंदी पंचांग के आधार पर तिथियां अंग्रेजी कैलेंडर की तारीखों की तरह 24 घंटे की नहीं होती हैं। ये तिथियां 24 घंटे से कम और ज्यादा की हो सकती हैं। कई बार ये तिथियां एक ही तारीख को पड़ जाती हैं, जिससे दो व्रत या त्यौहार एक ही दिन पड़ जाते हैं। शारदीय नवरात्र की दशमी तिथि का प्रारंभ 25 अक्तूबर को सुबह 07 बजकर 41 मिनट से हो रहा है, जो 26 अक्तूबर को सुबह 09 बजे तक है। ऐसे में विजयादशमी या दशहरा का पर्व 25 अक्तूबर दिन को मनाया जाएगा।