तीन दिवसीय योग एवं चरित्र निर्माण शिविर के समापन पर सम्मानित प्रतिभागी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। भारतीय योग संस्थान के जिला प्रधान राज सिंह पुंडीर ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। योग एक सुखी जीवन जीने की कला है। योग करने से बालकों का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक विकास होता है। बालक वर्ग की योगासन प्रतियोगिता में देव शर्मा और बालिका वर्ग मेें रिया पाल प्रथम रहीं।
ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाई स्कूल में चल रहे तीन दिवसीय योग एवं चरित्र निर्माण शिविर का समापन हो गया। बालक और बालिकाओं की अलग-अलग योगासन प्रतियोगिता भी कराई गई। बालक वर्ग में देव शर्मा प्रथम, वरुण द्वितीय और आदित्य राणा तृतीय स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में रिया पाल प्रथम, सोफिया सैफी द्वितीय और कनक तृतीय स्थान पर रही। चौधरी वीर सिंह का सहयोग रहा।
समापन पर पुंडीर ने कहा कि अच्छे गुणवान, चरित्रवान व सदाचारी बच्चे ही परिवार समाज और राष्ट्र का धन होते हैं। योग शिक्षक दिनेश बालियान ने कहा कि उत्तम संस्कारों से व्यक्ति महान बनता है और उत्तम संस्कार हमें अच्छे माता-पिता और गुरु से मिलते हैं। योग प्रशिक्षक अंकुर मान ने बच्चों को सूर्य नमस्कार आसन ताड़ासन योग मुद्रा आसन उष्ट्रासन धनुरासन चक्रासन हलासन और मत्स्यासन कराएं। भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने अनुलोम विलोम कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम कराएं।