जिले में डेंगू और मलेरिया के खौफ ने शहर से लेकर देहात तक आतंक मचा दिया है। जांच-पड़ताल में रोगियों की जांच में सबसे अधिक मलेरिया से पीड़ित निकल रहे हैं। बृहस्पतिवार को एक और व्यक्ति में डेंगू के लक्षण मिले हैं, लेकिन पुष्टि से विभाग इंकार कर रहा है। अस्पताल में 500 से अधिक रोगियों की ओपीडी में जांच-पड़ताल कर रही है।
स्वाइन फ्लू के बाद अब डेंगू और मलेरिया कहर ढहा रहे हैं। ऐसा कोई गांव नहीं बचा है, जहां मलेरिया, डेंगू का खौफ नहीं है। खौफ फैलने के कारण जिला चिकित्सालय में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। रोजाना ओपीडी में 500 से अधिक लोगों का उपचार किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी एक व्यक्ति में डेंगू के लक्षण मिले हैं। हालांकि पीड़ित के ब्लड का नमूना लेकर मेडिकल कालेज भेजा गया है। यहां से डेंगू की पुष्टि होने के बाद ही पीड़ित का इलाज किया जाएगा।
हालांकि बृहस्पतिवार को सात अन्य लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। जिले में अब तक 587 लोगों में मलेरिया निकल चुका है, जबकि सात लोग डेंगू से पीड़ित है। स्वामी कल्याणदेव जिला चिकित्सालय के डॉ वीके सिंह ने बताया कि एक अन्य व्यक्ति में डेंगू के लक्षण मिले हैं, हालांकि अभी तक पॉजिटिव की रिपोर्ट नहीं मिली है। पुष्टि होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
प्लेटलेटस 20 हजार तो घबराए नहीं
मुजफ्फरनगर। डेंगू की अफवाह फैलाकर प्लेटलेट्स घटने की जानकारी दी जा रही है। डॉ वीके सिंह ने बताया कि शरीर में 20 हजार प्लेटलेट्स रहने के पर भी कोई घबराने वाली बात नहीं है। डेंगू-मलेरिया के अलावा भी कई बीमारियों में प्लेटलेट्स गिरती हैं।
बेड़ 100, मरीज 150 से अधिक
मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय में 100 बेड की व्यवस्था है, लेकिन मरीज 150 से अधिक पहुंच गए हैं, जिन्हें भर्ती करने के लिए अलग से वार्ड रखा गया है, ताकि लोगों को उपचार दिया जा सके। वायरल, बुखार से पीड़ित में अधिक संख्या बच्चों और महिलाओं की है।