क्रांति सेना के सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ता फोटो संवाद
मुजफ्फरनगर। रविवार को क्रांति सेना का दूसरा कार्यकर्ता सम्मेलन नगर के सनातन धर्म सभा भवन में आयोजित हुआ। इसमें गाय को गोमाता का दर्जा, युवाओं को रोजगार, जनसंख्या कानून लाने आदि मुददों पर संघर्ष का संकल्प लिया गया। प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेज कर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने, विधायक और मंत्रियों को जीवन में एक ही पेंशन देने की मांग की गई। हरिद्वार से दिल्ली तक जल्द ही पदयात्रा निकालने की घोषणा की गई।
क्रांति सेना के संस्थापक ललित मोहन शर्मा ने कहा कि 11 साल सत्ता में होने के बावजूद भाजपा राज में गोहत्या और गोतस्करी चरम पर है। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार फैला है। शिक्षा पर लाखों रुपए खर्च करने के बाद बावजूद शिक्षित युवक रोजगार से वंचित हैं। सरकार के प्रतिवर्ष 2 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने के दावे हवा हवाई साबित हुए हैं। अयोध्या से पधारे बाबरी विध्वंस के मुख्य नायक संतोष दुबे मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए व्यापक आंदोलन चलाने की पहल करने को कहा। अध्यक्षता कर रहे महादेव आश्रम के दंडी स्वामी ने क्रांति सेना को मजबूत करने की अपील की।
इस अवसर पर पंडित संजीव शंकर, पूनम चौधरी, योगेंद्र सिरोही, मुकेश त्यागी, वेद प्रकाश शर्मा, आलोक अग्रवाल, देवेंद्र चौहान, बिट्टू सिंह सिखेड़ा, ओंकार पंडित, उज्ज्वल पंडित आदि व पश्चिम उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के अध्यक्ष मौजूद रहे। एसडीएम सदर को सम्मेलन स्थल पर ज्ञापन सौंपा गया। संचालन मंडल अध्यक्ष शरद कपूर ने किया।ा
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