संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। शहर की बढ़ती आवासीय आवश्यकताओंं को पूरा करने के लिए आवास विकास परिषद की गतिविधियों में तेजी आ रही है। नई कॉलोनी बसाने के लिए परिषद ने एनएच-58 दिल्ली-देहरादून बाईपास के आसपास 280 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की थी। भूमि अधिग्रहण से पहले आवास विकास परिषद अधिकारियों ने डिमांड सर्वे शुरू कर दिया है। भूमि का भू-उपयोग भी देखा जा रहा है।
कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पिछले साल 26 अगस्त को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आवास विकास परिषद की नई कॉलोनी विकसित कराने का मांग रखी थी।
नई कॉलोनी बसाने के लिए आवास विकास परिषद सचिव नीरज कुमार, आयुक्त उद्योग जैस्मीन फौजदार सहित अन्य अधिकारियों ने छह दिसंबर 2024 को हाईवे के आसपास के क्षेत्र का मुआयना किया था। जानसठ और जौली रोड पर एनएच-58 के आसपास की जमीन देखी थी।
आवास विकास परिषद ने शुरू कराया चिह्नित भूमि का सर्वे : आवास विकास परिषद मेरठ के अवर अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि चिह्नित भूमि के मामले में तीन बिंदुओं जांच के निर्देश दिये गए हैं।
बताया कि परिषद की ओर से चिह्नित की गई भूमि का डिमांड सर्वे किया जा रहा है।
देखा जा रहा है कि यदि भूमि को आवासीय कॉलाेनी के रूप में विकसित किया जाएगा तो उसकी मांग कितनी और कितने दाम में रहेगी। इसके अलावा देखा जा रहा है कि चिह्नित भूमि फनल जोन यानी भविष्य में कोई एयरपोर्ट स्थापना के लिए चिन्हित तो नहीं है।
भूमि का भू-उपयोग भी जांचा जा रहा है। जिसके लिए महायोजना-2031 का रिकार्ड लिया गया है। जिसमें कुछ भूमि औद्योगिक और कुछ आवासीय जोन में आ रही है। उन्होंने बताया कि सर्वे के दौरान आवास विकास परिषद मेरठ एक्सईएन एसपी सिंह और सहायक अभियंता संदीप कुमार भी मौजूद रहे।