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व्यापारियों ने मानचित्र स्वीकृति पर बढ़े शुल्क को वापस लेने की मांग की

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मानचित्र स्वीकृति का शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते व्यापारी - फोटो : DEVBAND
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देवबंद(सहारनपुर)। सरकार द्वारा भवन निर्माण में दस गुना शुल्क बढ़ाए जाने से खफा व्यापारियों ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर बढ़ी शुल्क दर को वापस लिए जाने की मांग की है।
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शनिवार को नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज सिंघल के नेतृत्व में व्यापारियों ने हाईवे स्थित कार्यालय पहुंचकर सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रेषित ज्ञापन एसडीएम राकेश कुमार को सौंपा। जिसमें व्यापारियों ने देवबंद विनियमित क्षेत्र में भवन निर्माण के मानचित्र की स्वीकृति के लिए बढ़ाए गए शुल्क को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि बढ़ी दरें वापस नहीं ली गईं तो व्यापारी समाज आंदोलन करने को मजबूर होगा। इस दौरान मनोज सिंघल ने कहा कि विनियमित क्षेत्र में पहले 65 प्रतिशत एरिया को कवर्ड मानते हुए उसी पर 100 रुपये स्क्वायर मीटर की दर से शुल्क लिया जाता था, लेकिन नए आदेश के बाद अब 100 प्रतिशत एरिया को कवर्ड मानते हुए 100 रुपये की जगह 700 रुपये स्क्वायर मीटर शुल्क कर दिया गया है। सिंघल ने कहा कि कहा कि पहले अगर कोई व्यक्ति 100 गज का मकान बनाता था तो उस पर 6500 रुपये राजस्व शुल्क लगता था, अब नए नियम में यह बढ़कर 70 हजार रुपये हो गया है। यह नियम गरीब आदमी की कमर तोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों के लिए आवास योजना चला रहे। वहीं दूसरी ओर इतना अधिक शुल्क लगा कर सरकार हिटलरशाही कर रही है। ज्ञापन देने वालों में राजेश गुप्ता, जर्रार बेग, अशोक गुप्ता, अंकित जैन, सुभाष मित्तल, अब्दुल्ला कुरैशी, मनमोहन गर्ग, रोहिता गुप्ता, विनीत जैन, राकेश कुमार, मो. इनाम आदि शामिल रहे।
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