सदर बाजार में गीता प्रेस की दुकान में लगे धार्मिक ग्रंथ।
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मुजफ्फरनगर। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुभवेला से बाजार में रामायण और श्रीरामचरित मानस इत्यादि ग्रंथों की बिक्री बढ़ गई है। कोरोना आपदा के दौरान धार्मिक पुस्तकों के स्वाध्याय में जो रुचि दिखी थी, वो राम जन्मभूमि पर मंदिर का सपना साकार होने पर अधिक दिख रही है। लोगों का आध्यात्मिक रुझान बढ़ने से दुकानदार उत्साहित है।
अयोध्या में भव्य प्रभु राम मंदिर के भूमि पूजन धार्मिक ग्रंथों और पुस्तकों की बिक्री के लिए सुखद संकेत है। एकाएक बाजार में ऋषि बाल्मीकि की रामायण, संत तुलसीदास रचित श्रीरामचरित मानस, विष्णु पुराण, शिव पुराण, महामुनि शुकदेव की भागवत कथा, स्वामी रामसुख दास लिखित श्रीमद्भागवत गीता और महाभारत के ग्रंथों की बिक्री में वृद्धि हो गई है। शहर में झांसी रानी चौक पर जगदीश बुक स्टोर के संचालक कमल कुमार बताते है कि कोरोना लॉकडाउन की लंबी अवधि में धार्मिक पुस्तकों की मांग में बढ़ोतरी हुई थी। जिस भव्यता से पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास किया, उसके बाद हर दिन रामायण और रामचरित मानस ग्रंथ बिक रहा है। पहले महीने में एक प्रति की बिक्री होती थी। अब सप्ताह में छह से 10 रामायण की डिमांड है। सदर बाजार में गीता प्रेस स्टाल विक्रेता राहुल कुमार का कहना है कि बीते एक हफ्ते में लोगों का रुझान बढ़ गया है। धार्मिक पुस्तकें शॉर्ट पड़ रही है। रामायण और मानस की अधिक प्रतियां मंगवाई है।
राम के चित्रों की फ्रेमिंग से बाजार में आई रौनक
मुजफ्फरनगर। बाजार में प्रभु श्रीराम और राम दरबार के चित्रों की बिक्री भी तेज है। शहर और नई मंडी में फोटो फ्रेमिंग की शॉप पर फिलहाल लोगों को श्रीराम के चित्र सबसे ज्यादा चाहिए। लोहिया बाजार, घास मंडी के दुकानदार अनुज सिंघल बताते है कि बीते दस दिनों में धार्मिक चित्रों में सबसे ज्यादा भगवान राम के चित्र की फ्रेमिंग हुई है। श्री राम के अकेले चित्र की मांग अधिक है। लॉकडाउन की मंदी में राम का सहारा मिला है। फ्रेमिंग करने वाले हरेंद्र कहते है कि लोग खुद राम के पसंदीदा चित्र लाकर जड़वा रहे हैं।