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लंबे सफर की थकान की झपकी से निकल रही जान

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मुजफ्फरनगर।लंबी यात्रा में नींद की झपकी जान ले रही है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर ऐसे कई हादसे हुए हैं, जिनमें नींद हादसों का कारण बन रही है। रात का सफर भी जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। अधिकतर हादसे रात दो से सुबह छह बजे के बीच हुए हैं। रात के समय सड़कें खाली रहने पर गाड़ी भी ओवर स्पीड से दौड़ाई जाती है। इसलिए जरुरी है कि चालक अपनी व अपने साथियों की सुरक्षा को न भूलें।
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हाईवे पर गति निर्धारित
परिवहन विभाग ने प्रत्येक मार्ग के लिए गति निर्धारित की है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बड़े वाहनों के लिए गाडियों के लिए 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार निर्धारित है।
हाल में हुए यह हादसे
केस-1
12 अप्रैल की अलसुबह थाना सिविल लाइन क्षेत्र में बाईपास के पास डिवाइडर से सफारी गाड़ी हादसाग्रस्त होने पर हरियाणा के गुरुग्राम निवासी चार दोस्त मनीष, रविंद्र, साहिल व प्रिंस चौहान की मौके पर मौत हो गई थी। तेज गति और नींद की झपकी के कारण यह हादसा हुआ।
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केस-2
10 अप्रैल की सुबह छपार में मोती झील की पुलिया से कार टकराने पर हरियाणा के पानीपत निवासी दो दोस्तों सोनू व रवि की मौत हो गई। अंकित घायल हुआ था। तीनों दोस्त हरिद्वार गंगा स्नान करने जा रहे थे।
केस-3
6 फरवरी की अलसुबह पुरकाजी में वैन और ट्रैक्टर ट्राली में भिड़ंत होने पर वैन सवार तीन लोगों की मौत हो गई। वैन सवार सभी लोग उत्तराखंड शादी समारोह से वापस आ रहे थे।
इसका रखे ध्यान
- गाड़ी की गति पर नियंत्रण रखें और ओवरटेक में सावधानी बरतें।
- रात में तीन बजने के समय वाहन को कहीं भी होटल आदि स्थान पर रोक लें।
- रात में दो बजे के बाद लंबी यात्रा के लिए गाड़ी न चलाएं।
- जब कभी भी लंबी यात्रा पर चले तो चालक एक से ज्यादा हो।
इन्होंने कहा
यातायात नियम वाहन चलाते समय जिंदगी सुरक्षित रखने को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। दिन हो रात, गाड़ी कभी भी निर्धारित गति से ऊपर न चलाएं। खास तौर पर रात में गाड़ी चलाते समय सावधानी बरतें। नशा कर वाहन न चलाएं। नींद आते देखकर साथी चालक से गाड़ी चलाने को कहें अथवा कुछ देर के लिए गाड़ी कहीं भी रोक लें। -कुलदीप सिंह, सीओ यातायात।
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