हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौटतीं युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
मोरना के गांव खरपोड़ के अधेड़ गुलबीर भगत ने आठ घंटे में हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लाकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। मैराथन कांवड़ लेकर गांव पहुंचे कांवड़ियों का ग्रामीणों ने स्वागत किया। वहीं गांव कासमपुर खोला की बेटियों ने भी 20 घंटे में कांवड़ लाकर पूर्वजों की परंपराओं और आस्थाओं का निर्वहन करते हुए शिव भक्ति की मिसाल कायम की है।
मोरना के गांव खरपोड़ निवासी 50 वर्षीय गुलबीर भगत 30 वर्षों से हरिद्वार से कांवड़ लाकर गांव के शिव मंदिर में जलाभिषेक करते है। वो एक साल में दो बार मैराथन कांवड़ मात्र आठ घंटे में लाते हैं। गांव पहुंचने पर प्रधान कपिल कुमार, बबलू प्रधान, जितेंद्र, मोहर, मोजवीर, गौरव, बलजोर, मित्रपाल, प्रहलाद सिंह आदि ने उनका स्वागत किया।
कासमपुर खोला की बेटी सृष्टि, अंशुल, प्रीति, सोनम, खुशबु आदि ने भी परिजनों के साथ 20 घंटे में कांवड़ लाकर गांव के शिव मंदिर में भगवान आशुतोष का अभिषेक किया। विनोद ने बताया कि ये बेटियां परिजनों के साथ खेतीबाड़ी में भी हाथ बंटाती है। प्रमुख योगेश सिंह, प्रधान महेंद्र, तेजपाल, ओमेंद्र, मीनू सिंह राम सिंह, सुखपाल सिंह आदि मौजूद रहे।