सीएएए के विरोध में दारुल उलूम चौक पर दुकानों पर लगे काले झंडे
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देवबंद (सहारनपुर)। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए देवबंद विशेषकर दारुल उलूम क्षेत्र को प्रशासन ने छावनी में तब्दील किया हुआ है। उसके बाद भी लोग तरह तरह से सीएए और दिल्ली जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। बुधवार को दारुल उलूम क्षेत्र में दुकानदारों ने काले झंडे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इसकी जानकारी मिलने पर अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
बुधवार को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के लिए दारुल उलूम क्षेत्र के दुकानदारों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों के बाहर काले झंडे लटका दिए, जब अधिकारियों को इसकी जानकारी लगी तो हड़कंप मच गया। खुफिया विभाग के अधिकारियों को भी इसके बारे में जरा भी भनक तक नहीं लगी। काले झंडे लगाने को लेकर दुकानदारों का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का संविधान ने अधिकार दे रखा है। वह बिल्कुल नहीं चाहते कि किसी प्रकार का उग्र प्रदर्शन हो। जिससे नगर का माहौल खराब हो। प्रतिष्ठानों पर काले झंडे लगाने का उनका एक मात्र उद्देश्य है कि प्रशासन के माध्यम से उनका विरोध सरकार तक पहुंचे और संविधान विरोधी यह बिल वापस हो। हैरत की बात यह है कि मदरसा छात्रों के विरोध प्रदर्शन की संभावना के चलते दारुल उलूम क्षेत्र में चौबीस घंटे पुलिस बल ड्यूटी पर तैनात है और खुफिया एजेंसियां भी पूरी तरह सक्रिय है, लेकिन उसके बावजूद दुकानदार काले झंडे लगाकर विरोध जताने में कामयाब हो गए।