तीसरी काॅल लखनऊ के डीसीपी एसवी सिरोडकर ने की। उन्हें उनके लखनऊ बैंक खाते से अनाधिकृत लेनदेन होना बताया गया। उनके पास व्हाटस एप पर ईडी की स्टांप लगे वारंट भी भेजे गए।
साइबर ठगों ने अपने खाते में कुछ रुपये की ट्रांजेक्शन करने कहा। मुख्य चिकित्साधिकारी ने डर कर 36 लाख 88 हजार 267 रुपये साइबर ठगों के बताए तीन खातों में एक मार्च से बाइस मार्च तक जमा कराई गई। पीड़ित की तहरीर पर मंसूरपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।