क्रेशर को भी मिले एथेनॉल बनाने का लाइसेंस
छपार/रोहाना (मुजफ्फरनगर)। कृषि कानूनों के विरोध में जनपद के छपार व रोहाना टोल प्लाजा पर चल रहा भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना लगातार 58वें दिन भी जारी रहा। भाकियू कार्यकर्ताओं ने शासन से क्रेशरों को भी एथेनॉल निर्माण का लाइसेंस जारी किए जाने की मांग की।
दिल्ली-दून हाईवे स्थित छपार टोल प्लाजा पर चल रहे धरने को संबोधित करते हुए पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि सरकार को मिलों की तरह क्रेशरों को भी ऐथनाल बनाने का लाइसेंस देना चाहिए। इससे क्रेेशर किसानों का अधिक गन्ना खरीद सकेंगे, जिससे उनकी आमदनी में इजाफा होगा। किसानों को कोल्हू व क्रेशरों में गन्ना बेचने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि उन्हें भुगतान के लिए भटकना नहीं पड़ता और उनके रोजमर्रा खर्च की भरपाई भी होती रहती है। इसके अलावा, क्रेशर व कोल्हू में बनने वाले बिना केमिकल के गुड़ व खांड़ स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हैं। शुगर मिलों द्वारा निर्मित चीनी से देश की जनता शुगर से पीड़ित हो चुकी है। इस दौरान कालूराम गुर्जर, शशि गुर्जर, ललित त्यागी तोसीन त्यागी, बबलू शर्मा, शीशपाल गुर्जर, मेहरबान, ईशाक अहमद और राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
उधर, मुजफ्फरनगर-सहारनपुर स्टेट हाईवे स्थित रोहाना टोल प्लाजा पर भी भाकियू का धरना लगातार 58वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष ठाकुर कुशलवीर सिंह, सुनील चौधरी, राजेंद्र प्रधान, सत्येंद्र सिंह, ओपीन कुमार, सुमित, नवीन, धर्मवीर, रविंदर चौधरी, अमित, गुड्डू, धनपाल सिंह, अनिल त्यागी और राजवीर सिंह परमार आदि मौजूद रहे।
रोहाना टोल पर स्थायी आवास बनाने की मांगी अनुमति
रोहाना। भाकियू कार्यकर्ताओं ने संगठन हाईकमान से टोल प्लाजा पर स्थायी आवास निर्माण किए जाने की अनुमति मांगी है। बुधवार को धरनास्थल पर पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष ठाकुर कुशलवीर सिंह ने कहा कि वर्तमान में बारिश का मौसम चल रहा है। जब बारिश तेज होती है तो टोल शेड के नीचे भाकियू के धरनास्थल पर जलभराव हो जाता है। इसके चलते धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं व किसानों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में यदि टोल प्लाजा पर ही स्थायी आवास बन जाए, तो कार्यकर्ता व किसान ऐसी परेशानियों से बच जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थायी आवास निर्माण के लिए संगठन हाईकमान से अनुमति मांगी गई है।