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गंगा स्नान पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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गंगा घाट पुत्र प्राप्ति पर गंगा कलश की पुजन करते लोनी के श्रद्धालु। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मोरना। लगातार हो रही बारिश, कीचड़ व पानी से भरे रास्ते और प्रशासनिक पाबंदियां के बावजूद ज्येष्ठ गंगा स्नान पर देहात क्षेत्रों से होते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु शुकतीर्थ पहुंचे और गंगा स्नान के बाद धार्मिक रीति-रिवाज के तहत कलश पूजन व अन्य कर्म किए। नौनिहालों का भी मुंडन कराया गया और सूर्य को अर्घ्य देकर घर-परिवार की खुशहाली की मन्नतें मांगी गईं।
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गंगा दशहरा पर शुकतीर्थ में धर्म के प्रति अटूट विश्वास और आस्था कोरोना संक्रमण के चलते लगाई गई पाबंदियों पर भारी पड़ी। कोरोना संक्रमण के चलते गंगा स्नान मेले पर प्रतिबंध लगाने वाला पुलिस-प्रशासन शुकतीर्थ के तीनों मुख्य मार्गों पर बेरिकेडिंग लगाकर श्रद्धालुओं को तीर्थनगरी में आने से रोकने के जतन करता रहा, लेकिन तमाम पाबंदियों को धता बताकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु न केवल शुकतीर्थ पहुंचे, बल्कि गंगा घाट पर धर्म-कर्म भी किए। रोक के बावजूद भोपा, मोरना, जानसठ व छपार क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों से शुकतीर्थ में भारी जाम की स्थिति रही, जिसके चलते पुलिस की प्राथमिकता लोगों को रोकने के बजाए यातायात व्यवस्था रही। लगातार बढ़ती भीड़ के आगे आखिरकार पुलिस-प्रशासन बेबस हो गया, जिसके बाद शुकतीर्थ में चारों तरफ श्रद्धालु व उनके वाहन ही दिखाई दिए। लगातार हो रही बारिश से सभी प्रमुख मार्गों पर जलभराव व कीचड़ भरी होने के बावजूद श्रद्धालु गंगा घाट पर पहुंचे, जहां उन्होंने गंगा स्नान के साथ ही कलश पूजन किया।
पंपिंग सेट लगाकर निकाला गया पानी
मोरना। शुकतीर्थ में गंगा घाट जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगातार बारिश के चलते भारी जलभराव की स्थिति रही। श्रद्धालुओं की परेशानी कम करने के लिए ग्राम प्रधान राजपाल सैनी ने कई पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया, लेकिन घंटों बाद भी इसमें सफलता नहीं मिली। इसके बाद श्रद्धालुओं को जलभराव व कीचड़ युक्त इसी मार्ग से होकर गंगाघाट तक पहुंचना पड़ा। गंगा दशहरा पर्व के बावजूद तीर्थनगरी शुकतीर्थ में रविवार को धर्मस्थलों पर सन्नाटा पसरा रहा। कोरोना संक्रमण के चलते प्रशासनिक पाबंदियां होने से मंदिरों में किसी तरह की पूजा-अर्चना नहीं हुई। शुकतीर्थ के मुख्य बाजार में स्थित दुकानें भी पूरी तरह से बंद रहीं।
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