पीनना के सर्वयूपी ग्रामीण बैंक लूट के मामले में पुलिस की पांच टीमें खोजबीन में जुटी हैैं। पुलिस को पूरा यकीन है कि लुटेरों को गांव से ही मुखबिरी हुई। हाल ही में जेल से छूटे एक अपराधी पर शक की सुई घूम रही है। पुलिस ने उसके घर दबिश दी तो वह फरार मिला। इसके अलावा बैंक के सफाईकर्मी समेत दस लोगों के पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
शहर कोतवाली के पीनना गांव में सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में मंगलवार दोपहर घुसे तीन बदमाशों ने सात लाख 56 हजार की नगदी लूटकर सनसनी फैला दी थी। घटना का पता चलने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। डीआईजी के. सुनील और एसएसपी अनंत देव ने मौके पर पहुंचकर घंटों बैंक कर्मचारियों से पूछताछ की थी। कप्तान ने घटना के खुलासे के लिए पांच टीमों को लगाया है। एसएसपी अनंत देव टीमों से पल-पल की अपडेट ले रहे हैं।
अभी तक छानबीन में यह साफ हो गया है कि बैंक लुटेरों को पीनना गांव से मुखबिरी की गई थी। बदमाशों को जानकारी दी गई कि शाखा में कैश मौजूद है और इस समय कोई बाहर का ग्राहक भी नहीं है। अहम बात यह है कि लूट में शामिल बदमाश 25 से 30 साल के बीच के युवा हैं। एक बदमाश की कद काठी और बॉडी लेंग्वेज एक बदमाश से मैच कर रही है। यह बदमाश एक हफ्ते पहले ही हत्या के एक मामले में जेल से छूटकर आया है। पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।
बैंक के कर्मचारियों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। वारदात से पहले बदमाशों ने किसी काम के बहाने कहीं बैंक की रेकी तो नहीं की, इसके लिए बैंक की पिछले कुछ दिनों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। हालांकि पुलिस को यह इनपुट हाथ लगा है कि वारदात में शामिल एक युवक पीनना गांव का है, जबकि दो बाहर के हैं। पुलिस फुटेज में दिख रहे चेहरों के आधार पर लुटेरों की खोजबीन में जुटी है। शाखा के सफाई कर्मचारी समेत दस युवकों को हिरासत में लेकर अलग-अलग तरीके से पूछताछ की जा रही है।
शुरुआत में पुलिस हिरासत से भागे 50 हजार के इनामी बदमाश पर वारदात का शक था, लेकिन उसके कुछ परिचितों को फोटो दिखाने पर उसका हुलिया लुटेरों के फोटो से मैच नहीं हुआ। हालांकि पुलिस उसे भी रडार पर लिए हुए है। एसएसपी अनंत देव और एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह बुधवार सुबह शहर कोतवाली पहुंचे और हिरासत में लिए गए युवकों से घंटों पूछताछ की। पुलिस कई बिंदुओं पर मामले की जांच कर रही है। मामले पर पुलिस बैंक के आला अधिकारियों से भी बात कर रही है।
जेल में बंदियों को दिखाए गए फोटो
बैंक लूट मामले के खुलासे में जुटी पुलिस सीसीटीवी फुटेज में आए बदमाशों के फोटो को पहचानने के प्रयास में जुटी है। पुलिस का मानना है कि एक बार बदमाशों की शिनाख्त हो जाए, उसके बाद सारा काम आसान हो जाएगा। एसपी सिटी ने कारागार पहुंचकर कुछ बंदियों से मामले की जानकारी ली है।
पीनना गांव के सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में दिनदहाड़े हुई लूट पुलिस के लिए चुनौती है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में आए तीनों बदमाशों के चेहरे ढके होने के कारण उनकी पहचान करने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस बदमाशों की फोटो दिखाकर उनकी पहचान करने में जुटी है।
केस के खुलासे के लिए एसपी सिटी राजेश कुमार सिंह ने शहर कोतवाली में हिरासत में लिए गए युवकों से घंटों पूछताछ करने के बाद क्राइम ब्रांच और शहर कोतवाली पुलिस से विचार-विमर्श किया। इसके बाद एसपी सिटी जिला कारागार पहुंचे। एसपी सिटी ने जेल में बंद दर्जनभर शातिरों को आरोपियों के फोटो दिखाकर उनकी पहचान का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल कोई कामयाबी मिलती नजर नहीं आ रही है।
खास पुलिसकर्मियों को बुलाया गया
बैंक लूट के खुलासे में पूर्व में कोतवाली में तैनात रह चुके तेजतर्रार पुलिसकर्मियों की सहायता ली जा रही है। पीनना बैंक लूट खोलने के लिए अफसरों ने पूर्व में कोतवाली में तैनात रहे तेजतर्रार पुलिसकर्मियों को घटना के खुलासे के लिए लगाया है। पुलिसकर्मी अपने मुखबिर तंत्र से घटना के खुलासे में जुट गए हैं।