टैंक से शव निकालने का मौका नहीं मिला
इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि आरोपियों को शौचालय के टैंक से रात्रि के समय बच्ची का शव निकालने का मौका नहीं मिला। राजमिस्त्री अफजल और मकान मालिक दिलशाद का मकसद था कि रात्रि में टैंक से शव निकालकर कहीं और ठिकाने लगा देंगे, लेकिन पुलिस बल का मोहल्ले में तैनाती होना और बच्ची के परिजनों के घर मिलने वाले लोगों का तांता लगने की वजह से आरोपियों का टैंक से शव निकालने का मौका नहीं मिला।
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दो मजदूरों और मनोरोगी को छोड़ा
परी हत्याकांड में पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने राजमिस्त्री, मकान मालिक और दो मजदूरों को पांच मार्च को हिरासत में ले लिया था। गुरुवार को पुलिस ने एक मनोरोगी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, जिसे लेकर लोगों ने हंगामा किया था। गुरुवार की रात्रि में ही मनोरोगी युवक को छोड़ दिया गया था। इंस्पेक्टर डीके त्यागी ने बताया कि हत्याकांड में जांच पड़ताल करने पर पता चला कि राजमिस्त्री और मकान मालिक ही आरोपी हैं, इसलिए बाकी सभी को छोड़ दिया गया है।
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