तीसरे दिन भी खालापार प्रकरण में पुलिस की दबिश नहीं रुकी। 24 घंटे पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। एक नामजद को जेल भेजने के बाद बाकी अभी पुलिस पकड़ से दूर है। दूसरे दिन भी खालापार का अधिकतर बाजार बंद रहा तो वहीं आरोपियों के घरों पर डले ताले नहीं खुल पाए। पुलिस कार्रवाई को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। कहना है कि एचएस के रिश्तेदार और बेटे पुलिस की गाड़ी में तोड़फ़ोड़ करते नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है।
शहर कोतवाली के खालापार में मंगलवार को गोकशी की सूचना पर गई पुलिस पर हुए हमले के तीसरे दिन भी पुलिस की दबिश लगातार जारी है। दिन-रात पुलिस दबिशें देने में जुटी है। बार-बार पुलिस के मोहल्ले में पहुंचने से वहां दहशत पसरी है। बुधवार को पुलिस ने इस प्रकरण में एक नामजद को जेल भेजा था, बाकी 16 अभी भी पुलिस पकड़ से बाहर है। दूसरे दिन भी घटनास्थल के आसपास के बाजार बंद रहे।
24 घंटे पुलिस के बूटों की आवाजें खालापार में सुनाई दे रही हैं। पुलिस के डर से आरोपियों के घरों के ताले दूसरे दिन भी नहीं खुल पाए। उधर, पुलिस कार्रवाई को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि वीडियो में शहर कोतवाली के एचएस के दामाद, भांजे, बेटा आदि पुलिस की जीप तोड़ते साफ नजर आ रहे हैं, लेकिन दो दिन बाद भी पुलिस ने इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इस बात को लेकर लोगों में भारी गुस्सा है।
लोगों ने मामले की शिकायत योगी दरबार में करने की बात कही है। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि वीडियो में दिख रहे आरोपियों की शिनाख्त के प्रयास में पुलिस जुटी है। पहचान होते ही आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी जाएगी। कोई भी आरोपी बख्शा नहीं जाएगा। देर शाम भारी पुलिस बल ने सुजडू में दबिश दी, लेकिन कोई हाथ नहीं आया। सूचना थी कि सुजडू के किसी परिचित के घर आरोपी छुपे हुए हैँ।
एचएस का बवालों से रहा है पुराना नाता
मुजफ्फरनगर। खालापार के बवाल में चर्चा में आए एचएस का बवालों से पुराना नाता है। इससे पूर्व भी खालापार में पुलिस दबिशों के दौरान हमेशा एचएस पुलिस के सामने आता रहा है। बाद में पुलिस के अफसरों और कोतवाल से लेकर दरोगाओं में उठ-बैठ के चलते वह फिर से विभाग में अपनी पैठ बना लेता है। इस बार भी एचएस के असर के चलते ही पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई करने में कोताही बरत रही है।
शहर के हालात ठीक नहीं, नौ से शुरू होनी है कांवड़ यात्रा, शासन ने मांगी रिपोर्ट
शासन ने खालापार प्रकरण की खुफिया विभाग से रिपोर्ट मांगी है। विभाग ने बवाल करने, नेतागिरी करने और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर लिया है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
अगले माह से शुरू होने वाले कांवड़ मेले को देखते हुए विभाग ने एक अन्य रिपोर्ट शासन को भेजी है। घटनास्थल वाले खालापार से हर वर्ष लाखों कांवड़िए गुजरते हैं। बिगड़ते हालात को लेकर शासन को इस ओर ध्यान देने की बात कही गई है। खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट में बताया गया है कि खालापार बवाल के बाद शहर के हालात ठीक नहीं हैं।
दो दिन पूर्व मंगलवार को खालापार के कस्सावान में गोकशी की सूचना पर दबिश देने गई पुलिस पर मोहल्ले के लोगों ने एकजुट होकर हमला कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में 17 नामजद और 25-30 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दी थी।
एक नामजद आरोपी और बाकी नौ अज्ञात के नाम जांच में सामने आने पर पुलिस ने मंगलवार को दस लोगों को जेल भेज दिया था। भाजपा नेताओं द्वारा मामले की जानकारी बुधवार को शहर में आए कैबिनेट मंत्री को देने के बाद से शासन ने खुफिया विभाग से रिपोर्ट देने को कहा है। बुधवार से ही खुफिया विभाग की टीमें मामले की तह तक जाने में जुटी हैं।
इसके लिए दबिश से लेकर लोगों की सीओ से कहासुनी, पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के बारे में भी रिपोर्ट शासन ने मांगी है। खुफिया विभाग बवालियों की सूची तैयार करने में जुटी है। टीम ने सभी दोषियों को चिह्नित कर लिया है। रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। उधर, बवाल के बाद शहर की बिगड़ी फिजा को देखते हुए खुफिया एजेंसियों ने अगले माह शुरू होने वाले कांवड़ मेले को लेकर भी रिपोर्ट तैयार की है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि खालापार बवाल के बाद शहर के हालात ठीक नहीं हैं। नौ जुलाई से शहर से कांवड़ मेला शुरू होने से भोलों का आना शुुरू हो जाएगा। बताया गया है कि जिस जगह बवाल हुआ है अधिकतर कांवड़िए खालापार के मेन मार्ग से ही गुजरते हैं। ऐसे हालात में मेले को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।