मुजफ्फरनगर में अदालत ने 33 साल पहले चर्चित धर्मपाल हत्याकांड में ब्रजवीर सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस मामले में नामजद रहे पूर्व चेयरमैन उदयवीर की हत्या कर दी गई थी, जबकि तीसरा आरोपी फरार चल रहा है। सोमवार को प्रकरण में अपर सत्र न्यायालय कोर्ट नंबर-9 के पीठासीन अधिकारी कनिष्क कुमार सिंह ने फैसला सुनाया। बधाई खुर्द के दो परिवारों के बीच चली रंजिश से जुड़ा यह पहला मुकदमा था।
बताया गया कि घटना सात मई 1991 की है। थाना कोतवाली नगर के गांव बधाई कलां निवासी वादी रणवीर ने कोतवाली में उदयवीर सिंह, ब्रजवीर सिंह और उनके नौकर राकेश जाेगी के खिलाफ धर्मपाल की हत्या का मुकदमा पंजीकृत कराया था। तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया था।