मीरापुर/जानसठ मेें जमीन के मामले की जांच-पड़ताल कर रहे एक लेखपाल को एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। टीम ने लेखपाल के पास से रिश्वत में ली गई रकम भी बरामद की है। जांच-पड़ताल के बाद देर रात तक लेखपाल के विरुद्ध जानसठ थाने में भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन की कार्रवाई से लेखपालों में हड़कंप मचा हुआ है।
मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी राजीव लोचन जानसठ तहसील में लेखपाल है। राजीव के पास मीरापुर और चुड़ियाला हलके का प्रभार है। गांव चुड़ियाला निवासी इरफान पुत्र हयात गांव में सार्वजनिक भूमि पर निर्माण कार्य कर रहा है। इसको लेकर 14 फरवरी को ग्रामीणों ने एकत्र होकर एसडीएम जानसठ को निर्माण रुकवाकर जांच कराने के लिए ज्ञापन दिया था। एसडीएम ने मामले की जांच लेखपाल राजीव लोचन को सौंपी थी, लेकिन लेखपाल राजीव ने गांव पहुंचकर इरफान से जांच-पड़ताल के नाम पर रिश्वत की डिमांड की।
लेखपाल ने इरफान से काम के बदले तीस हजार रुपये तय किए। इसी बीच इरफान ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन के अधिकारियों से कर दी। तय कार्यक्रम के अनुसार बृहस्पतिवार शाम इरफान जानसठ में लेखपाल राजीव को रुपये देने आया था। यहां पर एक मिठाई की दुकान पर लेखपाल ने इरफान से जैसे ही तीस हजार रुपये लिए। पीछे खड़ी एंटी करप्शन की टीम ने उसे दबोच लिया। एंटी करप्शन के सीओ सुदेश कुमार सिंह, एसओ अशोक कुमार, विजयवीर और दरोगा ने लेखपाल को हिरासत में ले लिया।
लेखपाल के कब्जे से रिश्वत में लिए गए तीस हजार रुपये भी बरामद हुए। बाद में टीम ने लेखपाल के हाथ पानी में धुलवाए तो हाथ रंग गए। हंगामे से बचने के लिए टीम लेखपाल को जानसठ से मीरापुर ले गई। यहां पर पूूछताछ करने के बाद उसे जानसठ थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। देर रात एंटी करप्शन टीम की ओर से लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई चल रही है।