प्रॉपर्टी डीलर विनोद हत्याकांड में सीओ ने मृतक के परिजनों द्वारा नामजद कराए गए तीन पार्टनरों से पूछताछ के बाद छोड़ दिया। पुलिस को शक है कि हत्याकांड में किसी अन्य चौथे व्यक्ति का हाथ है। पुलिस मुजफ्फरनगर के एक सपा नेता को शक के दायरे में लेकर जांच पड़ताल में जुट गई है।
मंसूरपुर के गांव संधावली निवासी प्रॉपर्टी डीलर विनोद की एक दिसंबर को बुआड़ा रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने शक के आधार पर तीन पार्टनरों बैंक मैनेजर सोमेंद्र, फिरोज और अधिवक्ता सुनील को नामजद कराया था। इस हत्याकांड की जांच सीओ डा. राजीव कुमार सिंह कर रहे हैं। सीओ नामजद आरोपियों को दो बार हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुके हैं। इन नामजद आरोपियों का कहना है कि उनको फंसाया जा रहा है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पुलिस असली हत्यारों की तलाश में जुटी है। इस मामले में पैसों के लेनदेन को लेकर मुजफ्फरनगर के एक सपा नेता का नाम सामने आया है। पुलिस उस सपा नेता के पिछले इतिहास को खंगालने में लगी है। सीओ डा. राजीव कुमार सिंह का कहना है कि शीघ्र ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।