एटूजेड़ कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
मुजफ्फरनगर। विधिक माप विज्ञान विभाग ने एटूजेड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। आरोप है कि आकस्मिक निरीक्षण के दौरान उसके तौलन पट्ट में अनियमितता पाई गई है।
विधिक माप विज्ञान के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश कुमार प्रजापति ने बताया कि मेसर्स एटूजेड इंफ्रास्ट्रक्चर शहर से एकत्रित किए गये कचरे का डिस्पोजल वजन के हिसाब से करती है। शुक्रवार को उन्होंने इसका औचक निरीक्षण किया। मौके पर अवगत कराया गया कि यह कंपनी इसी तौलन पट्ट क्षमता 30000 किग्रा पर कचरे के वाहनों का वजन करती है और इस वजन के आधार पर ही कंपनी को भुगतान प्राप्त होता है। जांच के दौरान तौलन पट्ट का नियमानुसार नियत समय पर परीक्षण एवं मुद्रांकन स्थानीय विधिक माप विज्ञान विभाग से कराया जाना प्रमाणित नहीं हो सका, जबकि कार्यालय अभिलेखानुसार इसकी विधिमान्य अवधि 31 मई का समाप्त हो चुकी है। तौलन पट्ट की जांच के लिए नियमानुसार अनिवार्य रूप से रखे जाने वाले लोहे के बाट भी नहीं मिले। इसके बावजूद जब प्लेटफार्म पर कोई भी भार नहीं रखा गया था, तो भी उक्त तौलन पट्ट 40 किग्रा भार प्रदर्शित करता पाया गया है। इसके बाद चौपहिया वाहन को चारों कोनों पर खड़ा करके भार लिया गया। एक ही वाहन के माध्यम से चारों कोने पर लिए गए भार मे 25 किग्रा तक का अंतर पाया गया है।