जांच में मालखाने से गायब मिली शराब की 486 पेटियां
तितावी (मुजफ्फरनगर)। थाने में तैनात मालखाना इंचार्ज ने एक साल की अवधि में थाने के मालखाने में जमा माल मुकदमाती शराब की 486 पेटियां गायब कर दी। जांच में गायब शराब की पेटियों की पुष्टि हुई है। इस मामले में बुधवार को एसओ क्षितिज कुमार की ओर से आरोपी इंचार्ज जगबीर सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
तितावी थाने में करीब एक साल पूर्व कार्यालय मुंशी के रूप में कांस्टेबल जगबीर सिंह की तैनाती हुई थी, जिसे मालखाने का इंचार्ज सौंप दिया गया था। एसओ क्षितिज कुमार ने बताया कि मालखाना इंचार्ज रहते हुए जगबीर सिंह ने थाने के मालखाने में बंद माल-मुकदमाती की 486 पेटियां अवैध रूप से बेच दी। इसका खुलासा कुछ दिन पूर्व तब हुआ, जब हाल ही में बतौर एसओ कार्यभार ग्रहण करने वाले क्षितिज कुमार ने मालखाने का निरीक्षण किया। एसओ के मुताबिक गड़बड़झाले की आशंका में मालखाने में जब्त किए गए माल की जांच कराई गई तो शराब तस्करों से बरामद की गई लाखों कीमत की 486 पेटी शराब गायब मिली। इस संबंध में मालखाना इंचार्ज जगबीर सिंह से गायब हुई शराब की बाबत पूछताछ की गई, तो उसने शराब के पव्वों में गैस बनने से उसे बह जाना बताया। एसओ ने बताया कि ऐसे में प्रथम दृष्टया जांच से यही प्रतीत हो रहा है कि मुंशी ने उक्त शराब अवैध रूप से बेच दी है। इसके चलते अफसरों की जानकारी में मामला डालने के बाद मुंशी जगबीर सिंह के खिलाफ माल मुकदमाती की शराब बेचने का मुकदमा पंजीकृत करा दिया गया है। उधर, मामले में आरोपी मालखाना इंचार्ज जगबीर सिंह का कहना है कि शराब में गर्मियों में गैस बन जाती है, जिससे प्लास्टिक के पव्वे लीक हो गए और शराब बह गई।
12 लाख से अधिक है बेची गई शराब की कीमत
तितावी। तितावी थाने के मालखाना इंचार्ज द्वारा बेची गई माल मुकदमाती शराब की कीमत 12 लाख रुपये से अधिक है। आबकारी इंस्पेक्टर हैंकी सिंह ने बताया कि देशी शराब की एक पेटी की होलसेल कीमत करीब ढाई हजार रुपये है। इस हिसाब से बेची गई 486 पेटी शराब की कुल कीमत 12 लाख रुपये से अधिक बैठती है।
तत्कालीन एसओ भी शराब बिक्री के लिए जिम्मेदार ?
तितावी। जनपद के किसी भी थाने में मालखाने के इंचार्ज की नियुक्ति एसएसपी स्तर से की जाती है, लेकिन थाने में होने वाले सभी क्रियाकलाप की जिम्मेदारी थानाप्रभारी की होती है। मालखाने में रखे गए सभी माल मुकदमाती की सुरक्षा की जिम्मेदारी थाना प्रभारी की ही होती है, जिस तरह पिछले एक वर्ष में मालखाने से 12 लाख से अधिक कीमत की शराब बेच दी गई, वह बिना एसओ की जानकारी के होना संभव ही नहीं है। ऐसे में तत्कालीन एसओ के खिलाफ भी विभागीय स्तर से कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन उसे कार्रवाई से अलग रखा जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
कबाड़ियों से खरीद डाले गए खाली पव्वे
तितावी। थाने के मालखाना इंचार्ज जगबीर सिंह ने मालखाने से गायब हुई शराब के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद अपने बचाव के लिए क्षेत्र के सभी कबाड़ियों की दुकानें खंगालते हुए शराब के पव्वों की खाली बोतलें खरीदकर मालखाने में भर दी। हालांकि कबाड़ियों के यहां से खरीदे गए खाली पव्वे भी मालखाने से गायब शराब की भरपाई नहीं कर पाए।