सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुआ था दो गुटों में विवाद
मीरापुर (मुजफ्फरनगर)। बीआईटी इंस्टीट्यूट में चार अप्रैल को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान छात्रों के दो गुटों में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था, जिसके बाद एक गुट के छात्रों ने कार्यक्रम में जमकर हंगामा किया था। इसके चलते कार्यक्रम को निर्धारित समयावधि से पहले ही खत्म कर दिया गया था। हालांकि जमकर हंगामा होने के बावजूद कॉलेज प्रबंधन ने मामले में न तो किसी तरह की आंतरिक कार्रवाई की थी और न ही पुलिस को इस मामले की जानकारी दी थी। कॉलेज प्रबंधन द्वारा किसी भी गुट के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई न होने और चार अप्रैल के बाद मामले को खत्म होना माना जा चुका था, लेकिन छात्रों के एक गुट में इसे लेकर आक्रोश पनप रहा था। माना जा रहा है कि चार अप्रैल को हुए विवाद और कॉलेज प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर छात्रों के एक गुट में पनप रहे आक्रोश के चलते सोमवार की घटना को अंजाम दिया गया है। हालांकि कॉलेज प्रबंधन इस संबंध में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
दहशत फैलाना था मकसद, छात्राओं को भी नहीं बख्शा
मीरापुर। बीआईटी के आयुर्वेदिक कॉलेज में हुए हमले को अंजाम देने वाले हमलावरों का मकसद दहशत फैलाना था। यही कारण रहा कि हमलावरों ने कॉलेज कैंपस में घुसने के बाद किसी विशेष छात्र को निशाना नहीं बनाया, बल्कि जो भी सामने आया, उसे ही लाठी-डंडों व हॉकियों से पीटा गया। यहां तक कि छात्राएं भी सामने आईं तो उन्हें भी नहीं बख्शा गया।
इंस्पेक्टर मीरापुर पंकज त्यागी का कहना है कि पुराने विवाद को लेकर कुछ लोगों ने कॉलेज में घुसकर मारपीट की है। हमले में 20 से अधिक छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं, जिन्हें जानसठ सीएचसी में भर्ती कराया गया है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर लगातार दबिशें दी जा रहीं हैं।