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सवालों के घेरे में कोविड हॉस्पिटल कर्मी

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सवालों के घेरे में कोविड हॉस्पिटल कर्मी
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मुजफ्फरनगर। शहर के मोहल्ला आर्यपुरी में स्थित कोविड हॉस्पिटल बृहस्पतिवार को मरीज के परिजनों से बदसलूकी करने के मामले में सवालों के घेरे में है। आखिर हफ्ते के दो लाख वसूलने वाले हॉस्पिटल में कौन सा स्टाफ काम कर रहा है, स्टाफ प्रशिक्षित है या अप्रशिक्षित और असलाहधारी व्यक्ति इस हॉस्पिटल में कौन सी ड्यूटी बजा रहा था? प्रशासन के पास इन सवालों के कोई जवाब नहीं हैं।
कोविड हॉस्पिटल में उपचार के दौरान मरे मरीज के परिजनों के साथ बदसलूकी करने के बाद उनके खिलाफ बलवे समेत अन्य संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराने वाला हॉस्पिटल प्रबंधन सवालों के घेरे में है। वहीं, हॉस्पिटल प्रबंधन के दबाव में पीड़ित परिजनों पर कार्रवाई करने वाले पुलिस-प्रशासन पर भी उंगलियां उठ रहीं हैं। जिला प्रशासन ने इस नर्सिंग होम को निजी कोविड हॉस्पिटल के रूप में चिह्नित कर वहां प्रतिदिन 11 हजार रुपये फीस लेने का नियम लागू किया था। हॉस्पिटल द्वारा मरीज के परिजनों से वसूल की जाने वाली यह रकम कब 11 हजार प्रतिदिन से बढ़कर 35 हजार रुपये रोज तक जा पहुंची, प्रशासन ने यह जानने की जहमत तक नहीं उठाई।
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इससे भी गंभीर यह कि हफ्ते के दो लाख रुपये मरीज के परिजनों से वसूल करने वाले हॉस्पिटल में आखिर कौन सा मेडिकल स्टाफ काम कर रहा था, वह प्रशिक्षित हैं भी या नहीं, इसकी कोई जानकारी प्रशासन के पास नहीं है। इससे भी बढ़कर यह कि जिस असलाहधारक की फोटो मीडिया में वायरल हुई और जिस पर पीड़ित परिजनों पर गोली चलाने का भी आरोप है, आखिर वह किस आधार पर और किस पोस्ट पर हॉस्पिटल में काम कर रहा है, प्रशासन इससे भी पूरी तरह से अनभिज्ञ है। बताया जा रहा है कि मरीज के परिजनों पर फायर करने वाला असलाहधारी हॉस्पिटल कर्मचारी न होकर शहर के एक बाजार में दोने-पत्तल बेचने का काम करता है, लेकिन वह कोविड हॉस्पिटल में क्या कर रहा था, इस संबंध में भी अफसर पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं।
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कई बार चर्चाओं में आ चुका है हॉस्पिटल
मुजफ्फरनगर। मोहल्ला आर्यपुरी में स्थित निजी कोविड हॉस्पिटल इससे पहले भी कई बार चर्चाओं में आ चुका है। करीब एक पखवाड़े पूर्व ही हॉस्पिटल की एक नियमित महिला मरीज इसके गेट पर तड़प-तड़पकर दम तोड़ गई। उसके परिजन लगातार डॉक्टर से उसे देखने की गुहार लगाते रहे, लेकिन हॉस्पिटल स्टाफ ने मेन गेट बंद कर दिया और उसे तड़प-तड़प कर मौत के मुंह में जाते देखता रहा। इससे पहले भी इस हॉस्पिटल में मरीज व उसके तीमारदारों से बदसलूकी के कई मामले सामने आए, लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस-प्रशासन हमेशा हाथ खींचे रहा।
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